कोटा। नगर निगम कोटा की अतिक्रमण शाखा ने शनिवार को एमबीएस अस्पताल परिसर में व्यापक कार्रवाई करते हुए लंबे समय से संचालित ठेले, खोखे और अस्थायी दुकानों को हटाया। निगम की टीम जैसे ही अस्पताल परिसर पहुंची, वहां मौजूद दुकानदारों में अफरा-तफरी मच गई। कई लोग कार्रवाई का विरोध करते हुए सड़क पर उतर आए और निगम पर गरीबों की रोज़ी-रोटी छीनने का आरोप लगाया।
दुकानदारों का कहना था कि वर्षों से वे अस्पताल में आने वाले मरीजों और उनके परिजनों को जरूरत का सामान उपलब्ध कराते रहे हैं। उनका कहना है कि बिना पुनर्वास और वैकल्पिक व्यवस्था के अचानक अतिक्रमण हटाना सरासर अन्याय है, जिससे गरीब परिवारों की आजीविका प्रभावित होगी।
वहीं नगर निगम अधिकारियों ने अपनी कार्रवाई को नियमों के तहत और आवश्यक बताया। अधिकारियों के अनुसार, अस्पताल परिसर में बढ़ती भीड़, अव्यवस्थित दुकानों के कारण रास्तों में बाधा, मरीजों की आवाजाही में मुश्किलें और एम्बुलेंस मूवमेंट प्रभावित होने जैसी शिकायतें लगातार मिल रही थीं। इन स्थितियों को देखते हुए अतिक्रमण हटाना जरूरी हो गया था।
घटना के बाद विरोध कर रहे लोग निगम से वैकल्पिक स्थल या पुनर्वास की मांग पर अड़े हुए हैं। उधर, निगम का कहना है कि व्यवस्था और सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए कार्रवाई की गई है। फिलहाल स्थिति तनावपूर्ण जरूर है, लेकिन नियंत्रित है।






