कोटा।शहर में लगातार हो रही बिजली चोरी के चलते ईमानदारी से विद्युत बिल चुकाने वाले उपभोक्ताओं को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। चोरी के कारण न केवल विद्युत तंत्र क्षतिग्रस्त हो रहा है, बल्कि जानमाल का खतरा भी बना रहता है। इसी गंभीरता को देखते हुए राज्य सरकार ने तीनों विद्युत वितरण कंपनियों को बिजली चोरी के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश जारी किए हैं।
जयपुर डिस्कॉम के निर्देशों की पालना में, कोटा शहर में विद्युत वितरण का कार्य देख रही निजी कंपनी केईडीएल (KEDL) ने सोमवार को पुलिस व प्रशासन के सहयोग से घंटाघर क्षेत्र में व्यापक अभियान चलाया।
🔹 28 बिजली चोरी के मामले पकड़े
केईडीएल के हैड सीआरएम राजेश पाटौदी ने बताया कि अभियान के दौरान 28 बिजली चोरी के मामले पकड़े गए तथा इनके खिलाफ वीसीआर (Violation Case Report) भरी गई।
टीमों ने 300 अवैध तार (हुकिंग) हटाए और बिजली बिल बकाया रखने वाले 50 उपभोक्ताओं के कनेक्शन काटे। वहीं, 30 उपभोक्ताओं ने मौके पर ही बकाया चुकाकर कनेक्शन कटने से बचा लिया।
🔹 11 नए कनेक्शन जारी
इस कार्रवाई के दौरान उपभोक्ताओं की सुविधा के लिए मस्जिदों सहित 11 नए बिजली कनेक्शन भी मौके पर जारी किए गए।
🔹 विद्युत तंत्र की मरम्मत
कार्रवाई के साथ-साथ केईडीएल की टीमों ने 47 स्थानों पर क्षतिग्रस्त विद्युत तंत्र को दुरुस्त किया।
खंभों पर लगे बॉक्स बदले गए, तारों को इंसुलेट किया गया ताकि भविष्य में किसी भी विद्युत दुर्घटना की संभावना न रहे।
🔹 पुलिस की सुरक्षा में हुई कार्रवाई
यह पूरी कार्रवाई मकबरा थाना क्षेत्र के चश्मे की बावड़ी, हाथीथान और अन्य इलाकों में की गई।
सुरक्षा व कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस उप अधीक्षक राजेश टेलर और थानाधिकारी लईक अहमद के नेतृत्व में पर्याप्त पुलिस जाब्ता तैनात रहा।
🔹 कार्रवाई जारी रहेगी
राजेश पाटौदी ने बताया कि राज्य सरकार व जयपुर डिस्कॉम के निर्देशानुसार बिजली चोरी के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा।
उन्होंने कहा, “शहर के कई इलाकों में संगठित रूप से बिजली चोरी की जा रही है, ऐसे में पुलिस व प्रशासन का सहयोग सराहनीय है। केईडीएल निर्बाध, गुणवत्तापूर्ण और सुरक्षित बिजली आपूर्ति के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।”






