Saturday, September 5, 2026
Screenshot_2026-02-16-14-04-33-20_6012fa4d4ddec268fc5c7112cbb265e7
previous arrow
next arrow

Top 5 This Week

Related Posts

हँसी के सितारे असरानी नहीं रहे, सिनेमा जगत में शोक की लहर

मुंबई। हिंदी सिनेमा के दिग्गज अभिनेता और हास्य कलाकार गोवर्धन असरानी का सोमवार को मुंबई में निधन हो गया। वे 84 वर्ष के थे। पिछले कुछ दिनों से वे श्वास संबंधी तकलीफ के चलते अस्पताल में भर्ती थे।

पाँच दशक का शानदार सफर

असरानी ने अपने फिल्मी करियर में 300 से अधिक फिल्मों में अभिनय किया और लगभग पाँच दशकों तक दर्शकों को हँसाने-रुलाने का काम किया।

उनकी कॉमिक टाइमिंग, सादगी और यादगार संवादों ने उन्हें हिंदी फिल्मों का अभिन्न हिस्सा बना दिया।

फिल्म शोले में “अंग्रेज़ों के ज़माने के जेलर” की भूमिका आज भी उनके हास्य कौशल का प्रतीक मानी जाती है।

इसके अलावा चुपके-चुपके, अभिमान, बावर्ची, दिल है कि मानता नहीं जैसी फिल्मों में उनके विविध अभिनय को खूब सराहा गया।

फिल्मी जगत में शोक

असरानी जी के निधन की खबर से बॉलीवुड जगत में शोक की लहर दौड़ गई।

अनेक कलाकारों और निर्देशकों ने सोशल मीडिया पर उन्हें श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि असरानी ने भारतीय कॉमेडी को नई पहचान दी और हर दौर में अपनी जगह बनाए रखी।

अंतिम क्षण और यादें

बताया जा रहा है कि निधन से कुछ घंटे पहले ही उन्होंने दिवाली की शुभकामनाएं साझा की थीं।

उनकी मुस्कान और सहजता ने उन्हें न सिर्फ़ पर्दे पर बल्कि असल ज़िंदगी में भी सबका प्रिय बना दिया था।

याद रहेंगे असरानी

फिल्म शोले में “अंग्रेज़ों के ज़माने के जेलर” की भूमिका आज भी उनके हास्य कौशल का प्रतीक मानी जाती है।

इसके अलावा चुपके-चुपके, अभिमान, बावर्ची, दिल है कि मानता नहीं जैसी फिल्मों में उनके विविध अभिनय को खूब सराहा गया

असरानी का जाना भारतीय सिनेमा के उस युग का अंत है, जब हास्य और अभिनय एक साथ दिल को छू जाते थे।

उनकी सरलता, अभिनय की ऊर्जा और जीवन के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा रहेगा।

ईश्वर उनकी आत्मा को शांति प्रदान करे।

भारतीय सिनेमा उन्हें सदैव याद रखेगा।

 

 

 

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Popular Articles