कोटा। कोटा दशहरे मेले में इस बार 215 फीट ऊंचा रावण बनाया गया है। आयोजन समिति और नगर निगम का दावा है कि यह दुनिया का सबसे ऊंचा रावण का पुतला है। सोमवार को इसे दशहरा मैदान में खड़ा किया गया।
रावण को खड़ा करने के लिए 26×24 फीट का 8 फीट गहरा आरसीसी सॉलिड फाउंडेशन तैयार किया गया। इसमें आठ स्टील की जैक वाली रोड और आठ लोहे की रस्सियों से सपोर्ट दिया गया। पेडस्टल पर फिश प्लेट और 8 नट-चूड़ियों से पुतले को खड़ा किया गया।
इस विशालकाय रावण को तैयार करने में करीब चार महीने का समय लगा। खड़ा करने के लिए 220 और 100 टन की दो हाइड्रोलिक क्रेनें, 70 मजदूर व कारीगर जुटे और करीब दो घंटे का समय लगा।

⚒ रावण की खासियतें:
्मुकुट : 60 फीट लंबा
चेहरा : 25 फीट, वजन करीब 3 क्विंटल, फाइबर से निर्मित
तलवार : 50 फीट
जूते : 40 फीट
लोहे का उपयोग : 12 टन
बांस : 1500 (24 फीट लंबे)
सुतली : 2 क्विंटल
कपड़ा और वेलवेट : 4 हजार मीटर
कुल निर्माण समय : 4 माह
📖 रिकॉर्ड में दर्ज होगा
इतने विशाल रावण को एशिया बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड और इंडिया बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज किया जाएगा। इसके लिए इन संस्थाओं के प्रतिनिधि कोटा पहुंचेंगे।
उल्लेखनीय है कि इससे पहले दिल्ली में 2024 में 210 फीट का रावण बनाया गया था, जो सबसे ऊंचा पुतला घोषित हुआ था। जबकि 2019 में चंडीगढ़ में 221 फीट का रावण तैयार हुआ था, लेकिन तकनीकी कारणों से खड़ा नहीं हो पाया और रिकॉर्ड में दर्ज नहीं हुआ।
सोशल मीडिया पर चर्चा
हालांकि इस रावण का शरीर हल्का और दुबला-पतला नजर आ रहा है। लोग इसे मजाक में “कुपोषित रावण” बता रहे हैं। सोशल मीडिया पर यूजर्स लिख रहे हैं कि “जलने से पहले रावण भूख से ही मर जाएगा”, तो कोई कह रहा है “लंबाई बढ़ाने के चक्कर में शरीर का ध्यान नहीं रखा गया”। पुराने पुतलों की तस्वीरें शेयर कर लोग इसकी तुलना भी कर रहे हैं।
👉 कोटा का यह रावण भले ही सोशल मीडिया पर मजाक का विषय बन गया हो, लेकिन इतिहास रचकर यह दशहरा मेला विश्व कीर्तिमान में दर्ज होने जा रहा है।






