“कोटा।शारदीय नवरात्र की सप्तमी पर कोटा के पूर्व राजपरिवार ने नांता स्थित ऐतिहासिक श्री करणी माता मंदिर में पहुंचकर माता के दर्शन किए और विशेष पूजा-अर्चना की। इस अवसर पर पूर्व महाराज इज्यराज सिंह अपने परिवार के साथ शाही परंपरा के अनुरूप मंदिर पहुंचे। उन्होंने देवी करणी माता से सुख-समृद्धि, खुशहाली और जनकल्याण की कामना की।
करीब 302 साल पुराने इस मंदिर का गहरा नाता कोटा राजपरिवार की आस्था और परंपरा से रहा है। मान्यता है कि यह मंदिर बीकानेर के प्रसिद्ध करणी माता मंदिर का ही स्वरूप है। यही कारण है कि नवरात्र के पावन दिनों में यहां विशेष भीड़ उमड़ती है और श्रद्धालु माता के दर्शन के लिए दूर-दूर से आते हैं।
मंदिर की सबसे खास बात यह है कि हर दिन करणी माता का अलग-अलग श्रृंगार किया जाता है। भक्तों को देवी के नित नए स्वरूप के दर्शन का सौभाग्य मिलता है, जिससे मंदिर का धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व और भी बढ़ जाता है।
मंदिर परिसर में स्थित सरोवर भी आस्था का प्रमुख केंद्र है। यह सरोवर प्राचीन जल स्रोत से भरा रहता है और मान्यता है कि इसका जल हमेशा पवित्र और अविरल रूप से उपलब्ध रहता है।
नवरात्र के अवसर पर यहां सजावट और धार्मिक आयोजन श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं। परंपरा, आस्था और शाही संस्कृति से जुड़ा यह करणी माता मंदिर नवरात्र के दिनों में विशेष रूप से जीवंत हो उठता है।






