Wednesday, August 12, 2026
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ग़ज़ल -शकूर अनवर

ग़ज़ल

शकूर अनवर

चीन अलग जापान अलग है।

अपना हिंदुस्तान अलग है।।

*

क़र्ज़ा लेकर शादी करना।

जग में अपनी शान अलग है।।

*

आपस में ही लड़ते रहना।

ये अपनी पहचान अलग है।।

*

ये तो कोई डाकू होगा।

चेहरे की मुस्कान अलग है।।

*

वोटों की है अलग सियासत*।

जनता का सम्मान अलग है।।

*

सब के अपने गोरख धंधे।

सब का अपना ज्ञान अलग है।।

*

सौ दो सौ ही टाटा बिड़ला।

बाकी हिंदुस्तान अलग है।।

*

एक सरीखे सब दरवाज़े।

अपना रोशनदान अलग है।।

*

छूट गई लो कश्ती “अनवर”।

दरिया में तूफ़ान अलग है।।

*

शब्दार्थ:-

सियासत*राजनीति

शकूर अनवर

9460851271

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