चंद्रयान _3 (भारत का गौरव)
भारत भूमि पर जन्मे, ज्ञानी एक से एक महान ।
नहीं किसी से पीछे है, हमारा भारत वर्ष महान ।।
ऋषि मुनि बहु विज्ञानी थे, दिया सभी को ज्ञान ।
उनके अतुल ज्ञान के कारण, भेज सके हम यान ।।
हमारा भारतवर्ष महान…
कण कण की व्याख्या करते, ऋषि कणाद धर ध्यान ।
पंख लगे विज्ञान को, उनका ऐसा था अद्भुत ज्ञान ।।
भारत की धरती पावन है, हम सब करते इसे सलाम ।
इसी राष्ट्र के विज्ञानी, नित रचते नए-नए आयाम ।।
हमारा भारत वर्ष महान…
पल-पल का धर ध्यान, चांद पर भेजें चंद्रयान ।
तर्क तर्क से ज्ञान जुटा, दृढ़ खड़ी करें विज्ञान ।।
चार चरण की चंद्र यात्रा, पक्का यही प्रमाण ।
दक्षिणी ध्रुव स्पर्श कर दिया, खूब बढ़ाई शान ।।
हमारा भारत वर्ष महान…
धन्य धन्य भारत विज्ञानी, भारत की है यह शान ।
भारत की सरकार धन्य, भारत के लोग महान ।
लहरा दिया तिरंगा झंडा, कर ऊंचा सब का भाल ।
सब अंतरिक्ष विज्ञानी झूमें, मिला मिला सुरताल।।
हमारा भारत वर्ष महान..
जय हो आर्यावर्त तुम्हारी, चंद्र करें गुणगान ।
अग्र पंक्ति में खड़ा हो गया, भारत देश महान ।
अपनी ही त्रुटि से सीखे, कहता अखिल जहान ।
इसीलिए तो लैंड कर दिया, अपना चंद्रयान ।।
हमारा भारतवर्ष महान…
हमारा भारत वर्ष महान …
रचयिता_ के. सी. राजपूत, कोटा





