कोटा /पत्नी ने अपने पति पर बिना तलाक दिये दूसरी महिला से शादी करने का गंभीर आरोप लगाया है। यहां पत्रकारों से बातचीत करते हुए कोटा के विनोबाभावे नगर निवासी श्वेता शर्मा ने आरोप लगाया कि उनकी शादी बारां जिले के अन्ता निवासी सौरभ त्रिपाठी पुत्र गजेन्द्र त्रिपाठी से नवम्बर 2021 में संपन्न हुई थी। उन्होंने बताया कि शादी के बाद उनके पति सौरभ त्रिपाठी उदयपुर में माइंस के काम के चलते अधिकतर समय उदयपुर में ही रहते थे। श्वेता ने आरोप लगाया कि उनके पति ने एक मार्च 2025 को बिना तलाक लिये मांगरोल निवासी अनिल तिवारी की पुत्री शिवानी से दूसरी शादी कर ली और उन्हें छोड़ दिया। इस दूसरी शादी में सौरभ के पिता गजेन्द्र त्रिपाठी, मां श्रीमती संतोष त्रिपाठी, बहन श्रीमती भानु, जीजा गौरव सनाढ्य और गौरव के पिता दिनेश सनाढ्य की पूरी भूमिका रही। पीड़िता श्वेता ने कहा कि उन्होंने इस मामले में पुलिस, न्यायालय सहित सभी सक्षम स्तर पर शिकायत भी की और विवाह रोकने की गुहार लगाई, सौरभ की दूसरी पत्नी शिवानी और उसके पिता मांगरोल निवासी अनिल तिवारी से भी बात की कि यह अवैध विवाह ना करें, लेकिन वे नहीं माने। श्वेता ने आरोप लगाया कि इस अवैध विवाह में पूर्व मंत्री प्रमोद जैन भाया द्वारा भी सक्रिय भूमिका निभाई गई और प्रशासनिक अधिकारियों पर उन्होंने दबाव बनाकर विवाह नहीं रोकने के लिए धमकाया। इसमें अन्ता नगर पालिका के पूर्व अध्यक्ष मुस्तफा खान, वर्तमान अध्यक्ष रामेश्वर खण्डेलवाल एवं सीमलिया सीआई भी सम्मिलित हुए और इन सभी ने आपराधिक षडयंत्र कर कानून के विपरीत विवाह में सम्मिलित होकर मदद की और मेरी जिंदगी बर्बाद कर दी। सौरभ त्रिपाठी और उसके परिजनों ने मेरा स्त्रीधन, जेवरात, दहेज का सामान, नकदी आदि हड़प लिये। मेरे द्वारा पत्नि धर्म का पूर्ण पालन करने और ससुराल वालों का मान सम्मान सहित सभी दायित्व निभाए गए, लेकिन मेरे साथ क्रूरता पूर्ण व्यवहार किया गया, मारपीट की गई, मानसिक और शारीरिक वेदनाएं दी गई, लेकिन मैं सहन करती रही कि मेरा घर बचा रहे। यहां तक कि मुझे शराब और सिगरेट पीने तक के लिए भी मजबूर किया गया। लेकिन दहेज लोभी लोगों ने मुझे प्रताड़ित किया और नाजायज मांगें पूरी नहीं होने पर अत्याचार किया। मेरे साथ षड़यंत्र कर 18.11.2022 को दहेज की मांग कर प्रताड़ित कर मारपीट कर घर से निकाल दिया। इतना ही नहीं अप्रेल 2023 में एक कूटरचित दस्तावेज बनाकर भावना से खेलते हुए तलाक के लिए गलत इकरारनामा बिना पढाए साइन करवा लिया। इकरारनामे में पति सौरभऔर उनके परिजनों ने मेरी मां से तीन लाख रूपये लिये थे, जो वापस लौटाए लेकिन भरण पोषण के नाम पर इकरारनामे में दर्ज कर लिया और उस पर बिना मुझे पढाए धोखे से साइन करा लिये।






