सिंदूर का बदला ( भाग_1)
बदला लेने हेतु ही, ऑपरेशन सिंदूर ।
ना छोड़ें इस नीच को, पावै सजा जरूर ।।
भारत की तैयारियां, पाक के ही विरुद्ध ।
बातों से नहीं मानता, तब छेड़ेंगे युद्ध ।।
सब कुछ तैयारी यहां, एयर हो या रेल ।
बातों से नहीं मानता, तब देखेगा खेल ।।
भारत की रणनीति है, दुश्मन को चने चबाइ ।
नव उत्तम तकनीक से, अब शत्रु धोखा खाइ ।।
बढ़ी सुरक्षा क्षेत्र की, वायुयान या रेल ।।
सब सैना मुस्तैद हैं, पीछे देत धकेल ।।
लोह पथ कदम ताल में, पीछे नहीं है आज ।
देख दुष्ट नापाक भी, अब आएगा बाज ।।
के. सी. राजपूत, कोटा।
सिंदूर का बदला ( भाग_1) – कालीचरण राजपूत






