आकाश मिसाइल / ऑपरेशन सिंदूर..
पाक देश के विरुध था, ऑपरेशन सिंदूर ।
नापाक जमीं हिल गई, लेगा सीख जरूर ।।
ड्रोन भेजकर पाक ने, चलदी ऐसी चाल ।
एस फोर हंड्रेड ने, कर दीनी बेहाल ।।
ड्रोन नष्ट कीन्हें सभी, उलटी पड़ गई चाल ।
“शहबाज” रोते रह गए, देखने लायक हाल ।।
सेना का उत्पादन यह, कभी न होता फेल ।
अब पछताए होते क्या, निकल गई जब रेल ।।
कलाम जी के शिष्य ने, रचि दीनी आकाश ।
अंधेरे में भी कर दिया, प्रकाश ही प्रकाश ।।
भारतीय मिसाइल है, अचूक एक हथियार ।
भारत की सेना सभी, करती इसको प्यार ।।
था श्री राम राव का, परियोजना प्रबंध ।
गलियां सारी पाक की, इसने कर दी बंद ।।
सफल हुआ पूरी तरह, ऑपरेशन सिंदूर ।
खाने को दाने नहीं, पाक हुआ मजबूर ।।
ऑपरेशन के कर्म से, हुई गरव की बात ।
दुश्मन देश तो वहीं, मलता रह गया हाथ ।।
“भू” से जाती व्योम को, नाम रखा आकाश ।।
भारत की इस सेन को, बार-बार शावाश ।।
बार-बार शावाश…
बार-बार शावाश …
(कालीचरण राजपूत, कोटा)






