कोटा/ श्रीहिंदी साहित्य समिति कोटा के तत्वावधान में नरेंद्र शर्मा लोको पायलट के सौजन्य से ऑपरेशन सिंदूर को समर्पित मासिक काव्य गोष्ठी का आयोजन वेस्ट सेंट्रल रेलवे एम्पलाइज कार्यालय के सभागार में संपन्न हुआ। इस अवसर पर श्री हिंदी साहित्य समिति के अध्यक्ष डॉ रघुराज सिंह कर्मयोगी सभापति, भगवत सिंह मयंक, अरविंद सिसौदिया प्रन्यासी पाठ्य पुस्तक मंडल राजस्थान सरकार अध्यक्ष मंडल के पद पर शोभायमान रहे। नंदकिशोर अनमोल मुख्य अतिथि और दीनानाथ त्रिपाठी विशिष्ट अतिथि मंचासीन थे। कार्यक्रम का संचालन स्थापित व्यंग्य हस्ताक्षर कमलेश कमल ने किया। नंदकिशोर अनमोल ने सरस्वती वंदना कर काव्य गोष्ठी का आगाज किया।
मंचासीन अतिथियों के अलावा खुशीराम सिंह चौधरी, सुरेंद्र सिंह गौड, सीमा तबस्सुम, गौरी शंकर जोशी रुद्राक्ष, कृष्ण बिहारी भारतीय, सत्येंद्र वर्मा, नरेंद्र शर्मा, दिनेश सिंह झुझार, मुस्तकीम, सत्यनारायण शर्मा ने वीर रस की रचनाओं से श्रोताओं में राष्ट्रभक्ति का संचार किया। डॉ रघुराज सिंह कर्मयोगी ने अपने संबोधन में कहा कि प्रधानमंत्री ने सच ही कहा है कि कश्मीर में पानी और खून एक साथ नहीं बहेंगे, आतंकवाद और बातचीत एक साथ नहीं हो सकती। ऑपरेशन सिंदूर की धमक पूरे विश्व में सुनाई दी है।जिसने पाकिस्तान को घुटनों पर ला दिया। ऑपरेशन सिंदूर को सफल बनाते हुए हमारे सुरक्षा बलों ने शौर्य की कहानी लिखी है।
कृष्ण बिहारी भारतीय ने कविता प्रस्तुत की –
युवा हो तुम तुम्हें हासिल है फौलादी महारत,
उठो आकाश में लिख दो विजयी इवारत।
विवेकानंद भगत सिंह सुभाष तुम ही हो,
गुंजा दो विश्व में नारा जय भारत जय भारत।
नरेंद्र शर्मा ने कहा –
पहले दीवारों के कान नहीं होते थे।
घर-घर पक्के मकान नहीं होते थे।
हर खुशी हर गम बांट लेते थे अपनों के।
इसलिए लोग इतने परेशान नहीं होते थे।
सत्येंद्र वर्मा की कविता की वानगी देखिए –
बीच में जो हार जाते वह कभी ना पार जाते।
हौसले जिनके हों पत्थर सिंधु में सेतु बनाते।






