कोटा 14 मई । राजस्थान पुलिस में तैनात अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ASP) राकेश पाल जो वर्तमान में स्टेट डिजास्टर रिस्पांस फोर्स (SDRF) के डिप्टी कमांडेंट भी हैं, पर 1.80 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी का गंभीर आरोप लगा है. कोटा शहर के नयापुरा थाने में शराब व्यवसायी नरेंद्र सचदेवा उर्फ बिट्टू ने यह मामला दर्ज कराया है. इस मामले में राकेश पाल के साथ-साथ राजू राठौड़ और जगदीश मीणा को भी आरोपी बनाया गया है. यह जांच सब इंस्पेक्टर नंद सिंह को सौंप दी गई है. राकेश पाल के खिलाफ लगातार कोटा शहर के अलग-अलग स्थान में आधा दर्जन से ज्यादा मुकदमे दर्ज हो चुके हैं। नयापुरा थानाधिकारी राजपाल सिंह के अनुसार परिवादी की शिकायत
पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है. मामले की जांच सब इंस्पेक्टर नंद सिंह को सौंपी गई है. जांच के बाद ही तथ्य सामने आ पाएंगे. मामले के अनुसार शराब व्यवसायी नरेंद्र सचदेवा उर्फ बिट्टू का कहना है कि वह शराब व्यवसाय करता था. एडिशनल एसपी राकेश पाल से प्रॉपर्टी खरीदने बेचने का संबंध में लेन देन कर चुका हूं. साल 2015 में एएसपी राकेश पाल को 25 लाख उधार दिए थे. वहीं मेरे अकाउंटेंट राजू राठौर ने 70 लाख रुपए का गबन कर लिया था. वह मेरे ऑफिस का काम संभालता था, इसलिए मेरे ब्लैंक चेक भी उसके पास थे। इस मामले में एडिशनल एसपी राकेश पाल से राजू राठौड़ ने मेरी बात करवाई, राकेश पाल ने मुझे मिलने बुलाया. जहां पर राकेश पाल के अलावा राजू राठौर, जगदीश मीणा, नोनी जैन
और अंकुर मौजूद थे. वहां पर राकेश पाल ने मुझे धमकाया और कहा कि राजू राठौर के 70 लाख का फैसला 40 लाख में कर ले इसके बाद बालाजी नगर कुन्हाड़ी के 22 प्लॉट की फाइल दे दी. कहा कि राजू राठौर के 40 लाख व मैंने लिए हुए 25 लाख भी इनमें चुकता हो गए हैं. इन पुरी फाइलों को कीमत सवा दो करोड़ रुपए है. ऐसे में इन सब का मुझे 1.15 करोड रुपए दे देना. मैंने 2 महीने के अंदर 1.15 करोड़ रुपए राकेश पाल को दे दिए, लेकिन खातेदार का भुगतान नहीं होने के चलते इन प्लॉट पर कब्जा नहीं कर पाएं। इस संबंध में मैं राकेश पाल से 8 सालों से लगातार निवेदन कर रहा हूं, लेकिन वह मुझे ब्लॅक चेक के जरिए धमकाया जा रहा है. जबकि राकेश पाल ने मेरे से धोखाधड़ी कर 1.80 करोड रुपए हड़प लिए हैं. आपको बता दें कि राकेश पाल पर इससे पहले भी जमीनों के लेन देन, धोखाधड़ी, लोगों को धमकाने सहित करने कई धाराओं में मुकदमे दर्ज हुए हैं।





