Thursday, September 3, 2026
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वर्ल्ड हेरिटेज डे विशेष-ऐतिहासिक भवन झाला हाउस आज भी अपनी गौरवमयी गाथा बंया करता है

कोटा शहर की शान रहे सूरजपोल में ऐतिहासिक भवन झाला हाउस आज भी अपनी गौरवमयी गाथा बंया करता है। कई ऐतिहासिक पलों के साक्षी रहे इस इमारत का निर्माण कोटा स्टेट के दीवान जालिम सिंह झाला ने कराया था। उस समय सूरजपोल में स्थापत्य की पुष्टि से कई बेहतरीन भवन बनाए थे। उनमें झाला हाउस अपनी विशालता के कारण चर्चित था। वर्तमान में सूरजपोल डिस्पेसरी से लेकर पुरालेखाविभाग तक इसकी सीमाए हैं। भवन की खासियत यह हैं कि इसमें पानी के निकलने की काफी अच्छी व्यवस्था है। जो उस समय की उत्कृष्ट भवन डिजाइनिंग को दर्शाती हैं। यह भवन महाराव उम्मेदसिंह प्रथम के शासनकाल (विक्रम संवत 1710 से 1819) मे निर्मित्त है। इनके शासनकाल में जालिम सिंह राज्य का सर्वेसर्वा और महत्वाकाशी दीवान था। अपनी स्थित्ति को मजबूत करने व सुरक्षा की दुष्टि से इस भवन का निर्माण कराया गया। झालावंश का होने के कारण इनका नाम झाला हाउस रखा गया। इसके अनेक कमरे, तिवारी व चौक है। इसमे दीवान जालिम सिंह के परिवार व सैनिक रहा करते थे। इसकी पांचवी मंजिल पर बारहद्वारी निर्मित है। जहाँ से कोटा नगर का अनुपम दुश्य दिखाई पड़ता है। महाराव उम्मेदसिंह जी द्वितीय के शासनकाल में यहाँ ऊपर की मंजिल पर हाई कोर्ट चलता था। जहाँ पूरा दरबार बैठता था आजादी के बाद जब पाकिस्तान से सैकड़ो की संख्या में शरणार्थी भारत आए। उस समय कई शरर्णाथियों ने यहाँ पनाह ली थी। बाद में इसके एक हिस्से में सिंचाई विभाग का अफिस खुला। जिस हिस्से में अभी महिला पुलिस थाना है, वहाँ पहले सरकारी कर्मचारी रहते थे। वह पहले एक कमरे के अन्दर छोटे कमरे भी थे जिसका पत्ता सरकारी विभाग को भी नहीं था। बरसों तक यहाँ सिंचाई विभाग का दफ्तर चलता रहा जो बाद में चम्बल कमाड एरिया यानि सी०ए० डी में मर्ज हो गया।

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