कोटा/ग्राम ढोटी में रविवार को क्षेत्र की अग्रणी संस्था करसो खेत खलांण ग्रामीण साहित्य एवं संस्कृति संवर्द्धन समिति द्वारा हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी वार्षिक संस्कृति सम्मान समारोह का आयोजन किया गया ।संस्था के संस्थापक व अध्यक्ष वरिष्ठ साहित्यकार जगदीश भारती ने समारोह के संदर्भ में जानकारी देते हुए बताया कि सम्मान समारोह दो चरणों में संपन्न हुआ ।
प्रथम चरण में मुख्य अतिथि के रूप में मुकेश मेघवाल ( जिला प्रमुख,कोटा ) अध्यक्ष के रूप में चंदालाल चकवाला (सदस्य – राजस्थानी भाषा परामर्श मंडल , केंद्रीय साहित्य अकादमी नई दिल्ली), विशिष्ट अतिथि के रूप में हाड़ौती के जाने माने साहित्यकार ओम सोनी मधुर , किशन वर्मा , प्रकाश सोनी ‘यौवन’ (मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी झालावाड) जनवादी लेखक महेंद्र नेह तथा मुख्य वक्ता के रूप में वरिष्ठ गीतकार मुकट मणिराज मंचासीन रहे।
समारोह के प्रथम चरण में संस्था की ओर से साहित्य, लोकसंस्कृति व समाज सेवा में उत्कृष्ट कार्य प्रदान करने वाले व्यक्तित्व,लोक संस्कृति सेवक रामकुंवार सुमन को स्व.धन्नालाल मेघवाल कृषक साहित्य सम्मान तथा संघर्षशील मां हुसैनी बाई को स्व. गोपी बाई मेघवाल जामण संघर्ष सम्मान देकर सामाजिक सद्भावना की बहुत बड़ी मिशाल प्रस्तुत की। साथ ही राजस्थान के सुप्रसिद्ध लोक कलाकार रमेशचंद्र गंधर्व को स्व. गजानन राव स्मृति सम्मान स्वरूप साफा व पुष्प माला पहनाकर व तिलक स्मृति चिन्ह, प्रशस्ति-पत्र,शाल व श्री फल सहित प्रत्येक को 11,000 – 11,000 रुपए नगद प्रदान किये गये। वहीं करसो खेत खलांण ‘गौरव सम्मान’ करसो खेत खलांण संस्था के प्रति समर्पण भाव से कार्य करने व ग्रामीण लोक-साहित्य के लेखन व प्रकाशन करने के लिए युवा साहित्यकार योगेश यथार्थ शाखाध्यक्ष सरकन्या को प्रदान किया गया । प्रथम सत्र का सफल मंचालन आकाशवाणी कोटा के वरिष्ठ उद्घोषक राम नारायण मीणा ‘हलधर’ ने किया।
समारोह का आरंभ मां सरस्वती के पूजन अर्चन के साथ कवि रामभरोस नागर की सरस्वती वंदना के साथ हुआ ।
संस्था के संस्थापक एवं पदाधिकारियों द्वारा मंचासीन अतिथियों का साफा व माला पहनाकर स्वागत सम्मान कर स्मृति चिन्ह,शाल व श्री फल भेंट किए गए।
इस दौरान सम्मानित व्यक्तित्वों के व्यक्तित्व व कृतित्व का वाचन चंद्र प्रकाश शर्मा, रोहित दाधीच, दिलीप सिंह ”हरप्रीत एवं विष्णु विश्वास द्वारा किया गया । इस अवसर पर हाडौती के वरिष्ठ साहित्यकार एंव संस्था के संस्थापक जगदीश भारती द्वारा हाडौती भाषा में रचित उपन्यास ‘बणज्यारा की टोळ ‘ का विमोचन किया गया। ज्ञातव्य है कि जगदीश भारती का हाडौती भाषा में प्रकाशित
‘पाछी बावडजे मिजाजण’ कहानी संग्रह भी काफी लोकप्रिय रहा है तथा उपन्यास ‘बणज्यारा की टोळ’ साहित्य जगत में चर्चा का विषय बना हुआ है।
समारोह के प्रथम चरण के अंत में सभी मंचासीन अतिथियों ने अपने विचार अभिव्यक्त करते हुए कहा कि करसो खेत खलांण संस्था द्वारा लोक संस्कृति, साहित्य-सृजन ,संरक्षण व संवर्द्धन की दिशा में किए जा रहे शानदार प्रयास पूरे राजस्थान के लिए प्रेरणादायी है ।
संस्थापक जगदीश भारती द्वारा आभार अभिव्यक्ति के साथ समारोह के प्रथम चरण का समापन हुआ
द्वितीय सत्र में ‘काव्य संध्या’ का आयोजन हुआ जिसमें मुख्य अतिथि के रूप में हाड़ौती के जाने माने बाल साहित्यकार सी.एल. सांखला,अध्यक्ष के.बी.भारतीय व विशिष्ट अतिथि देवकी दर्पण,विजय कुमार ‘तश्वीर’,मंगल भारती,विरेन्द्र श्रृंगी,वैद्य चंचल,नन्दू राजस्थानी,,छीतरलाल गांवड़ेल,लक्ष्मीनारायण राठौर,सत्यप्रकाश दाधीच,मुकेश शर्मा,सत्यप्रकाश दाधीच,मनीष मेहरा,ओमप्रकाश केवट और सुरेश यादव मंच पर मौजूद थे।मंचासीन अतिथियों द्वारा कवि महावीर रेनवाल की पुस्तक ‘गावां की झणकार’ का विमोचन किया गया।
साहित्यकार सी.एल.सांखला ने पुस्तक पर अपने विचार व्यक्त करतै हुए कहा कि युवा रचनाकार अपने साहित्य लेखन में नव प्रयोग कर साहित्य के विकास में सतत रूप से गतिमान है।कवि चंद्रप्रकाश शर्मा द्वारा पढी गई सरस्वती वंदना ‘ मां शारदे की वंदना में , प्रेम पुरित मेरा मन है ‘ के साथ कवि सम्मेलन का आरंभ हुआ

सरस्वती वंदना के बाद सौभागमल वैष्णव, मुकेश गौतम लोकेश आजाद ,रोहित दाधीच, तेज करण यादव,रामकरण प्रभाती,रामभरोस तेजस्वी,चौथमल प्रजापति,दीपेश सुमन सहित कार्यक्रम में उपस्थित दर्जनों कवियों ने अलग-अलग विधाओं की अपनी प्रतिनिधि रचनाऐं प्रस्तुत की। जिसे सुनकर पांडाल में आस पास के गांवों से आए सैंकडो श्रोता देर रात्रि 2 बजे तक डटे रहे।दो बजने के बाद कवि सम्मेलन समापन की घोषणा कर सभी अतिथियों व श्रोताओं का आभार व्यक्त किया गया।कवि सम्मेलन का कुशल संचालन वरिष्ठ कवि आर.सी.आदित्य ने अपने चिर-परिचित अंदाज में किया ।इस अवसर पर स्थानीय शाखा के पदाधिकारी व सभी सदस्य उपस्थित रहे।







