जयपुर, , आज न्यूनतम समर्थन मूल्य के लिए राजस्थान के 45,537 गाँवों में गाँव बंद आंदोलन का व्यापक प्रभाव रहा । गाँव से फल, फूल, सब्जी ,दूध, अनाज जैसे उत्पाद गाँव से बेचने के लिए बाहर नहीं ले जाए गये । गाँव का व्यक्ति भी गाँव में रहा- यातायात के साधनों को रोका नही गया बल्कि उनमे बैठने से किसानो ने स्वयं को रोका ।
अभी तक प्राप्त जानकारी के अनुसार टोंक जिले के 1120,नागोर जिले की मेड़ता तहसील के 106, जयपुर जिले की मोजमाबाद तहसील के 110 गाँवों सहित राजस्थान राज्य के सभी गाँवों में नई चेतना का आरम्भ दूध को घरो मे रखकर किया । अनेक गाँवों में तो में किसान एकता -जिंदाबाद की गूंज रही । जिला जेसलमेर की पंचायत समिति – फतेहगढ की ग्राम पंचायत – मुलाना में तो 125 से अधिक दुकानदारो ने इस आन्दोलन के समर्थन में अपनी दुकाने स्वत: बंद रखी । मजदूरी के लिए बाहर जाने वालो ने भी गाँव बंद आन्दोलन में भागीदारी के लिए गाँव से बाहर जाना स्थगित किया । न्यूनतम समर्थन मूल्य की व्यक्तिगत चर्चा समूहों में परिवर्तित हो गई । इसके अंतर्गत गाँवों की चोपाले चर्चा का केंद्र बन गई, जहाँ खेत को पानी -फसल को दाम के नारे लगे, जिसमे खरीद-खराबा की पीड़ा को भी व्यक्त किया गया । गाँव के फल- फूल- सब्जी एवं अनाज जैसे अनेको उत्पाद गाँव में ही रहे । स्वेच्छा पर आधारित यह आन्दोलन अहिंसा-शांति एवं सत्य के मार्ग पर चला, जिससे टकराहट की स्थिती उत्पन्न नही हुई बल्कि प्रेम एवं सदभाव के आधार पर जन समर्थन में बढोतरी हुई ।
किसान महापंचायत के आवाहनं पर हुए इस आंदोलन में अनेको संगठनों एवं जनप्रतिनिधियों का समर्थन प्राप्त हुआ, जिनमें प्रमुख राजस्थान सरपंच संघ के अध्यक्ष रहे डीडवाना निवासी भंवर लाल जानू, सरपंच संघ दूदू के अध्यक्ष विष्णु सिंह भडाना, भारतीय किसान संघ मानवता के राष्ट्रीय अध्यक्ष मेड़ता तहसील के निवासी सुशील रियाड, भारतीय किसान यूनियन (टिकेत) के सीकर जिला अध्यक्ष रामचंद्र सुंडा, राजस्थान किसान संघर्ष समिति के संरक्षक जालौर के निवासी विक्रम सिंह पुनासा, सचिव गीमर सिंह, राष्ट्रीय किसान संघ के राष्ट्रीय सचिव कोटा निवासी जगदीश शर्मा, बीकानेर निवासी महावीर पुरोहित, भारतीय किसान यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष राजपाल पूनिया, किसान संघर्ष समिति के भरतपुर जिले के निवासी इंदल सिंह जाट, डीग जिले के निवासी मोहन गुर्जर, किसान संघर्ष समिति बिहारीपुर के अध्यक्ष पप्पू नेहरा, भारत किसान यूनियन के अध्यक्ष ओमप्रकाश बेनीवाल, पूर्व सांसद 99 वर्षीय पंडित रामकिशन, जिला श्रीगंगानगर की तहसील अनूपगढ़ का व्यापार मंडल है ।
राजस्थान सरकार के आंख कान के रूप में काम करने वाले गुप्तचर तंत्र के पुलिसकर्मी अभिनव प्रयोग के कारण परंपरागत आंदोलन के ढंग के अनुसार ही मीटिंग का स्थान, जुलूस, प्रदर्शन, ज्ञापन देने के लिए जाने वालों की पूछताछ करते रहे । जबकि इस प्रकार का कोई भी आयोजन इस आंदोलन में प्रस्तावित ही नहीं था । वे ढूंढते ही रहे किंतु वह नहीं मिला जिसे वे देखकर या जानकर रिपोर्ट करने वाले थे । इतना शांतिपूर्ण आंदोलन उन्होंने पहली बार देखा है, जहां पुलिस की आवश्यकता ही नहीं रही । इसलिए शासन इस आंदोलन को रोकने या विफल करने का मार्ग भी नहीं खोज पाया । पूरा शासनतंत्र इस आंदोलन के सामने निरुत्तर रहा ।
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