रक्तदान के क्षेत्र में कोटा का नाम निरंतर गौरांवित हो रहा है और युवाओं की बढ़ती भागीदारी इस गौरव के क्षणों को और भी बढा देती है। यदि एक महिला रक्तदान और एसडीपी के क्षेत्र में आगे आती है तो रक्त क्रांति के क्षेत्र में एक नया सूर्योदय होता है। ऐसा ही एक मामला सामने आया जब एक प्रतिष्ठित परिवार को एसडीपी की आवश्यकता थी और दूसरे प्रतिष्ठित परिवार ने एसडीपी का महत्व समझा और एसडीपी डोनेट कर किसी के जीवन को बचाने का सराहनीय प्रयास किया। टीम जीवन दाता के संरक्षक व संयोजक भुवनेश गुप्ता ने बताया कि कोटा व्यापार महासंघ के महासचिव अशोक माहेश्वरी की बहन शकुंतला नुवाल को ओ पॉजिटिव एसडीपी की आवश्यकता थी, रविवार का दिन होने से व्यस्ताएं अधिक थी। माहेश्वरी ने गुप्ता से संपर्क किया , तब गुप्ता ने एक मैसेज को ग्रुपों में वायरल किया गया, ऐसे में मां भारती शिक्षण ग्रुप के अध्यक्ष दिनेश विजय की पुत्रवधू व निदेशक शुभम विजय की पत्नी महक विजय ने जब मैसेज देखा तो एसडीपी के बारे में जानना चाहा, जिज्ञासावश पूरी जानकारी प्राप्त की । वह अपने पति शुभम विजय की सहमति से उनके साथ अपना ब्लड सेंटर तलवंडी पहुंची और उन्होंने जीवन की पहली एसडीपी डोनेट की। इससे पूर्व उन्होंने पहले कभी रक्तदान भी नहीं किया। एसडीपी डोनेशन के बाद वह काफी प्रसन्नचित नजर आई। उनका कहना था कि हम रक्त देंगे तो खुशी मिलेगी और खुशी मिलती है तो रक्त बढ़ता है। इस अवसर पर उनके ससुर दिनेश विजय ने कहा कि बहु द्वारा किया गया यह कार्य महिला वर्ग के लिए सर्वोत्तम का प्रेरणास्रोत प्रयास है। परिवार के साथ ही समाज को इससे प्रेरणा मिलेगी। शुभम विजय ने कहा कि यह हमारा सौभाग्य है कि हम किसी की मदद कर पा रहे हैं, मदद के लिए हर संभव हर व्यक्ति को आगे जाना चाहिए। भुवनेश गुप्ता ने कहा कि उनके जानकारी में पुरुषों की संख्या एसडीपी में 99 प्रतिशत है , ऐसे में महिला का आगे आना शुभ संकेत है । महक कोटा शहर की गिनी चुनी बीस के आसपास महिलाओं में शुमार हो चुकी है जो एसडीपी दे चुकी है । श्वेतांक माहेश्वरी को जब यह एसडीपी मिली तो उन्होंने इस पूरी प्रक्रिया को देखा, विश्वास जताया कि वह और उनका परिवार भी अब इस क्षेत्र में लोगों की मदद को आगे आएगा।





