अब पोथी पर उपलब्ध है डॉ लोकमणि गुप्ता-बंसल द्वारा टीका कृत पुस्तक “श्री कृष्ण भगवान के दिव्य संदेश – प्रथम खण्ड ”
“सनातन संस्कृति के प्रत्येक ग्रंथ में जीवन उपयोगी संदेश समाहित हैं”
अनादि काल से ही प्रत्येक युग में ‘सर्व जन सुखाय – सर्व जन हिताय’ की भावनाओं को बनाए रखने हेतु प्रत्येक धार्मिक ग्रंथ उच्च स्तरीय मार्ग दर्शन प्रदान करने वाले हैं जिन्हें आज की परिस्थितियों में भावनात्मक लगाव के साथ जानना समझना अत्यंत आवश्यक प्रतीत होता है।
इनमें वर्णित श्लोकों एवं चौपाइयों की समसामयिक समीक्षा और चिंतन करने से ही सर्व धर्म समभाव की स्थिति बनती है।
साहित्य ही समाज का दर्पण होता है जो नयी पीढ़ियों को मार्ग दर्शन प्रदान करता है।
इसी उद्देश्य को दृष्टिगत रखते हुए धर्म प्रेमी परिजनों को अधिक से अधिक संख्या में श्रीमद्भगवद्गीता जी से जोड़ने के उद्देश्य से कोटा के वरिष्ठ समाजसेवी होम्योपैथिक चिकित्सक डॉ लोकमणि गुप्ता-बंसल द्वारा सहज सरल हिन्दी भाषा में टीका कृत ‘श्री कृष्ण भगवान के दिव्य संदेश – प्रथम खण्ड’ पुस्तक को राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से पोथी पर प्रकाशित करवाया गया है, जहां यह आनलाइन उपलब्ध है। शीघ्र ही यह पुस्तक अमेजन एवं किंडल जैसे आन लाइन प्लेट फार्मस पर भी उपलब्ध कराई जाएगी।
प्रकाशन में सहभागी हेमाक्षी पब्लिकेशन सीकर के चेयरमैन डॉ खुश्बू गुप्ता को बहुत बहुत धन्यवाद जो निरंतर स्वास्थ्य उपयोगी एवं विविध आयामी पठनीय पुस्तकें प्रकाशित कर ज्ञान वर्धक उच्च स्तरीय उत्कृष्ट पाठ्य सामग्री देश एवं विदेश में उपलब्ध करवा रहे हैं।




