*नव वर्षाभिनन्दन*
बारह महीने ३६५ दिन बीत गए,
सन २०२४ के पल यों ही गुजर गए।
इसी तरह उम्रानुसार वर्ष बीत गए,
कुछ खोते-पाते पल धरोहर रह गए।
किलकारियां गूंजी अनेक घरों में,
कीर्तिमान स्थापित हुए अनेक घरों में।
घर आंगन चौबारा महका मंगल मय,
तो अनेक घरों दुखद घटना क्रम हुए।
नभ मण्डल में हुए नवाचार अनेक,
चन्द्र और सोलर मिशन सफल हुए।
धरा पर हुए परिवर्तन अनेक,
स्वर्णिम चतुर्भुज के प्रयास सफल हुए।
आर्थिक आधार समान बनाने के,
नीतिगत प्रयास सभी विफल रहे।
मौद्रिक नीतियों में किए जा रहे,
परीक्षण सभी डांवाडोल रहे।
लोक कहे आत्म समीक्षा सभी करें! आज अपनी अपनी तमन्नाओं की!!
क्यों कर कहां सफल विफल रहे!
शेयर कर राह प्रशस्त करें सभी की!!
मनोभावों को कहें किसी से,
माता पिता बहिन भाई मित्र से।
पुत्र पुत्री बहू जंवाई बियाई सगे से,
निस्वार्थ भाव से समर्पित भाव से।।
रिश्ते सुमधुर बनाएं रिश्ते बचाएं,
परिवार समाज को सशक्त बनाएं।
मनोभाव बहुत हें मन में समाएं,
नव वर्ष के लिए कुछ लक्ष्य बनाएं।।
डॉ लोकमणि गुप्ता-बंसल,
गुप्ता होम्यो क्लिनिक अग्रसेन बाजार
कोटा – राजस्थान
नव वर्षाभिनन्दन-डॉ. लोकमणि गुप्ता






