कोटा। बड़े मथुराधीश मंदिर पर शनिवार को दान एकादशी मनाई जाएगी। डोल एकादशी पर शालिग्राम के पंचामृत दर्शन होंगे।
प्रथम पीठ युवराज मिलन कुमार गोस्वामी ने बताया कि शनिवार से दान एकादशी के बाद दान प्रारंभ होंगे। प्रभु को मीठी और नमकीन दही के साथ ही दूध से बनी विविध सामग्री भोग के रूप में धराई जाएगी। मंदिर में दान एकादशी और वामन द्वादशी का उत्सव धूमधाम से मनाया जाता है। इस दिन दान लीला आरंभ
होगी। यह दान ब्रज के भाव का दान है, जो ब्रजभक्तों और भगवान के मध्य एक अटूट प्रेम का बंधन है। भगवान गोपियों को रोक-रोककर के दूध दही का दान लेते हैं। काछनी के श्रृंगार धर के दान बिहारी के रूप में सभी भक्तों को दर्शन देंगे। पुष्टिमार्ग में दान के दिनों की सेवा भक्त और भगवान के मध्य सख्य रस भाव को प्रगट करती है। और अंत में भक्त भगवान को सर्वस्व समर्पण कर देता है और दान विहारी लाल मथुराधीश प्रभु को अपना सर्वस्व देकर भक्त प्रसन्न करते हैं।




