“ निरंतर प्रसूताओं की मौत की ज़िम्मेदारी ले प्रशासन और सरकार: वेलफेयर पार्टी “
कोटा में लगातार हो रही प्रसूताओं की दुखद मौत पर आज दिनांक 28 अक्तूबर को वेलफेयर पार्टी ऑफ़ इंडिया कोटा इकाई की ओर से कलेक्ट्री पर प्रदर्शन का एडीएम को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा गया । प्रदर्शन में मृतक प्रसूताओं के परिजन सहित बड़ी संख्या में महिलाएं उपस्थित रहीं । प्रदर्शन कारियों को संबोधित करते हुए वेलफेयर पार्टी के उपाध्यक्ष आसिफ़ हुसैन ने कहा कि शहर के सरकारी अस्पतालों की व्यवस्था चौपट हो चुकी है एवं प्रसूताओं के इलाज में घोर लापरवाही बरती जा रही है जिससे निरंतर प्रसूताओं की प्रसव के दौरान या प्रसव के तुरंत बाद संक्रमण के कारण मृत्यु हुई जा रही हैं । परंतु सरकार द्वारा ज़िम्मेदार कर्मचारियों और दवा सप्लायर्स पर उचित कार्यवाही करने की बजाय जांच के नाम पर लोगों के आक्रोश को ठंडा करने का प्रयास किया जा रहा है जिससे यह घटनाएं रुकने का नाम नहीं ले रही हैं । आज हालात यह हैं कि आमजन सरकारी अस्पतालों में इलाज कराने से घबराने लगा है ।
मुहम्मद ख़ालिद ने कहा कि मृतक प्रसूताओं के परिजनों को सरकार से मुआवज़े से ज़्यादा न्याय की अपेक्षा है । परिजनों ने एक सुर में कहा कि जब तक प्रसूताओं की मृत्यु के असल जिम्मेदारों को सज़ा नहीं दी जाती, वे संघर्ष करते रहे हैं ।
वेलफेयर पार्टी की ओर से ज्ञापन में उच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायधीश की अध्यक्षता में जांच कमेटी बनाने और किसी भी स्थानीय अधिकारी को जाँच कमेटी में शामिल ना करने की माँग की ताकि दूध का दूध और पानी का पानी हो सके । ज्ञापन की प्रति स्वास्थ्य मंत्री राजस्थान सरकार, राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग, राष्ट्रीय महिला आयोग, न्यायाधीश राजस्थान उच्च न्यायालय को भेजी गईं हैं ।
इस अवसर पर सैफुल्लाह ख़ान, ज़िला अध्यक्ष अनवर हुसैन कुरैशी, पूर्व पार्षद मोहम्मद आसिम, ज़िला सचिव जावेद अख्तर अंसारी, , अशफाक अंसारी, जावेद काग़ज़ी, अब्दुल कुद्दुस, रियाजुद्दीन क़ुरैशी, सलाहुद्दीन क़ुरैशी, रोहित सिंह, मोहनदास, अरशद ख़ान, महिला मोर्चा अध्यक्ष शबनम फ़रहत, शिफ़ा ख़ालिद, रानी तंवर, मीरा बाई, नुसरत जहाँ, शाइस्ता क़ुरैशी, रजनी हाड़ा, सायरा अंसारी आदि उपस्थित रहे ।।





