कोटा/ श्री हिंदी साहित्य समिति कोटा के तत्वावधान में आर्य समाज स्कूल प्रांगण में कवि गौरी शंकर जोशी रुद्राक्ष की ओर से 187 वीं भव्य एवं वृहद गोष्ठी का आयोजन किया गया। “जहां नारी का सम्मान न हो,वहां तुलसी कभी न महकेगी” कविता रामकिशोर चौधरी ने प्रस्तुत की तो श्रोताओं ने तालियां बजाकर आनंद लिया। कवियों का उत्साह वर्धन किया। मदन मोहन शर्मा ने अपनी कविता “यूं ना देखा करो रात में आइना, राज चेहरे के सारे बिखर जाएंगे” कविता सुनाकर मंत्र मुक्त कर दिया। इस कवि गोष्ठी में सभापति डॉ रघुराज सिंह कर्मयोगी,अध्यक्षता भगवत सिंह मयंक और मुख्य अतिथि का पद जमील कुरैशी ने संभाला। विशिष्ट अतिथि कृष्ण बिहारी भारती, लीलाधर फौजदार, बिगुल जैन सुशोभित रहे। सफल संचालन कमलेश कमल ने किया। भारतीय जनता पार्टी के पूर्व जिला अध्यक्ष श्री हेमंत कृष्ण विजय एवं सारंग साहित्य समिति के अध्यक्ष श्री दिनेश सिंह जुझार ने कार्यक्रम को चार चांद लगा दिए।
सरस्वती वंदना के बाद अमर सिंह अमर और नंदकिशोर अनमोल ने सभी उपस्थितों को रोली चावल का तिलक लगाकर शरद उत्सव को उमंग से भर दिया। इस अवसर पर मंचासीन अतिथियों अपना उद्बोधन दिया और काव्य पाठ भी किया। उनके अलावा राजेंद्र आर्य, रामकरण प्रभाती,आनंद हजारी,अमर सिंह,गौरी शंकर रुद्राक्ष, खुशी राम सिंह चौधरी, रामदयाल मेहरा,योगेश शर्मा आर्य,विजेंद्र सिंह झाला, सुरेंद्र कुमार कालिया, दीपक शर्मा,रामकिशोर चौधरी, मोतीलाल, रफीकुर्रहमान, मुरलीधर कुमावत,गोपाल नामेंद्र, सीमा तबस्सुम, दीनानाथ त्रिपाठी,नंद किशोर शर्मा अनमोल,बालू लाल वर्मा ने कविताओं के अनेक रसों से कार्यक्रम में खुशनुमा रंग भर दिए। श्रोताओं को गुदगुदाया। सभी ने आनंद लिया।





