कोटा दशहरा मेले में दुकानों की रसीद का विवाद खत्म, पुराने दुकानदारों और झूला व्यवसायियों की रसीदें कटना शुरू
कोटा। कोटा दशहरा मेले में दुकानों की रसीद को लेकर पिछले कई दिनों से चल रहा विवाद और गतिरोध बुधवार को खत्म होता नजर आया। रसीदें रोके जाने के विरोध में व्यापारियों के विरोध और व्यापार महासंघ के कड़े रुख के बाद नगर निगम प्रशासन की ओर से मेले में वर्षों से दुकानें लगाने वाले पुराने दुकानदारों और झूला व्यवसायियों की रसीदें काटने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई।
रसीदें काटे जाने की जानकारी मिलते ही बड़ी संख्या में व्यापारियों ने राहत की सांस ली। व्यापारियों का कहना है कि लंबे समय से चले आ रहे गतिरोध के कारण मेले में दुकान लगाने को लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई थी।
मंगलवार को निगम परिसर में हुआ था विरोध
इससे पहले मंगलवार शाम नगर निगम परिसर में उस समय हंगामे की स्थिति बन गई थी, जब मेले में 45 से 70 वर्षों से दुकानें लगाने वाली दो बुजुर्ग विधवा महिलाओं सहित कई व्यापारी अपनी मांगों को लेकर विरोध दर्ज कराने पहुंचे।
व्यापारियों ने आरोप लगाया था कि अधिकारियों द्वारा बंद कमरों में अपने चहेतों की रसीदें काटी जा रही हैं, जबकि 6 अक्टूबर अंतिम तिथि होने के बावजूद वर्षों पुराने दुकानदारों को रसीद के लिए भटकना पड़ रहा है। हालांकि ये आरोप व्यापारियों की ओर से लगाए गए थे।
2025 के बोर्ड फैसले के अनुसार रसीद काटने की मांग
झूला व्यवसायी जाकिर और मेले में व्यापार करने वाले प्रकाश ने बताया कि वर्ष 2025 के बोर्ड फैसले के अनुसार जिन हस्तांतरण मामलों को मंजूरी दी गई थी, उनकी रसीदें बिना भेदभाव के काटी जानी चाहिए थीं। व्यापारियों का आरोप था कि इसके बावजूद संबंधित मामलों को लंबित रखा जा रहा था।
बुधवार को महापौर और निगम अधिकारियों के हस्तक्षेप के बाद रसीदें काटने की प्रक्रिया शुरू होने से व्यापारियों के बीच बनी असमंजस की स्थिति दूर हुई है। पुराने दुकानदारों और झूला व्यवसायियों ने रसीद प्रक्रिया शुरू होने पर राहत जताई।






