बूंदी/ सदस्य ओ बी सी विभाग एवं पूर्व नेशनल कॉर्डिनेटर आल इंडिया कांग्रेस ओ बी सी विभाग ने विरोध दर्ज कराते हुए कहा कि आज सरकार द्वारा जाति जनगणना का प्रारूप जारी किया गया है। इसमें जिस आशंका की हमें पहले से ही चिंता थी, वह सामने आती दिखाई दे रही है कि अनुसूचित जाति (SC) और अनुसूचित जनजाति (ST) की गणना तो की जाएगी, लेकिन अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) को फिर से उचित प्रतिनिधित्व से वंचित रखा जा रहा है।
हम सरकार के इस रवैये का पुरजोर विरोध करते हैं। यदि देश में जातिगत सामाजिक एवं आर्थिक वास्तविकता का सही आकलन करना है, तो केवल SC और ST की गणना पर्याप्त नहीं है। OBC और अल्पसंख्यक वर्ग की भी पूर्ण, पारदर्शी, वैज्ञानिक और ईमानदार तरीके से जातिगत गणना होना आवश्यक है।
हम सरकार से स्पष्ट मांग करते हैं कि जाति जनगणना में SC, ST, OBC तथा अल्पसंख्यक वर्ग—सभी की वास्तविक संख्या दर्ज की जाए, ताकि देश में सामाजिक न्याय, आरक्षण, प्रतिनिधित्व और कल्याणकारी योजनाओं की नीतियां वास्तविक आंकड़ों के आधार पर तय की जा सकें।
OBC की गिनती से किसी भी प्रकार की अनदेखी स्वीकार नहीं की जाएगी। सरकार को देश के करोड़ों पिछड़े वर्गों की वास्तविक जनसंख्या और उनके सामाजिक-आर्थिक हालात का सही आंकड़ा सामने लाना चाहिए।








