अशफाक अंसारी की रिपोर्ट
कोटा। मोहर्रम पर शुक्रवार को किशोरपुरा क्षेत्र के साजी देहड़ा में हजरत इमाम हुसैन और कर्बला के 72 शहीदों की याद में मातमी जुलूस निकाला गया। जुलूस में बड़ी संख्या में मुस्लिम समाज के लोग शामिल हुए। पूरे मार्ग में “या अली” और “या हुसैन” की सदाओं के बीच अकीदतमंदों ने मातम किया और इमाम हुसैन की कुर्बानी को याद किया।
निवर्तमान पार्षद सलीना शेरी ने बताया कि मोहर्रम के अवसर पर साजी देहड़ा में शरबत की सबील लगाई गई। मदनी वेलफेयर सोसाइटी की ओर से रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया तथा रोजा इफ्तार की भी व्यवस्था की गई। उन्होंने कहा कि मोहर्रम का पर्व आपसी भाईचारे और इंसानियत का संदेश देता है।
जुलूस अपने-अपने इमामबाड़ों और चौकों से रवाना होकर चंबल नदी पहुंचा। यहां सैकड़ों ताजियों और दर्जनों आलम का मिलन हुआ। हुसैनी सोसाइटी के अखाड़े के खिलाड़ियों ने लाठी-डंडे सहित विभिन्न पारंपरिक करतब प्रस्तुत किए, जिन्हें देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।
सुबह से ही बच्चों और युवाओं में मोहर्रम को लेकर उत्साह दिखाई दिया। कई बच्चे और नौजवान अपने माथे पर “या हसन” और “या हुसैन” लिखी हरी पट्टियां बांधकर जुलूस में शामिल हुए। पूरे मार्ग में मातमी नारे गूंजते रहे और अकीदतमंदों ने हजरत इमाम हुसैन की शहादत को खिराज-ए-अकीदत पेश की।
आशिक हुसैन ने बताया कि हैदरी सोसाइटी की ओर से वार्ड प्रतिनिधि साहिल शेरी, अकरम खान, शब्बू अंसारी, आरिफ खान, इब्राहिम मंसूरी, महफूज खान, गुड्डू, जहीर खान, आशिक और शाहरुख सिकंदर अंसारी सहित अन्य समाजसेवियों का सम्मान भी किया गया।






