कोटा। अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय, कमला उद्यान, लैंडमार्क सिटी, कोटा में सामूहिक योगाभ्यास एवं राजयोग मेडिटेशन का प्रेरणादायी कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में भाई-बहनों ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर योग के माध्यम से स्वस्थ एवं संतुलित जीवन का संकल्प लिया।
कार्यक्रम में योग प्रशिक्षक हिमांशु मिश्रा ने सभी उपस्थित भाई-बहनों को विभिन्न योगासन, प्राणायाम एवं स्वास्थ्यवर्धक योग क्रियाओं का अभ्यास कराया। इस अवसर पर नयापुरा सेवा केंद्र प्रभारी राजयोगिनी ब्रह्माकुमारी लक्ष्मी दीदी जी ने योग गुरु हिमांशु भाई का तिलक लगाकर एवं पुष्पगुच्छ भेंट कर आत्मीय स्वागत किया।
अपने प्रेरक उद्बोधन में कोटा संभाग प्रभारी उर्मिला दीदी ने कहा कि “पहला सुख निरोगी काया” केवल कहावत नहीं, बल्कि स्वस्थ जीवन का मूल मंत्र है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति को अपने शरीर को स्वस्थ एवं निरोगी रखने के लिए नियमित रूप से योग करना चाहिए। यदि शरीर स्वस्थ रहेगा तभी मन एकाग्र होगा और हम परमात्मा का सच्चा स्मरण एवं ध्यान कर सकेंगे।
दीदी ने बताया कि राजयोग मेडिटेशन आत्मा को शक्तिशाली एवं तंदुरुस्त बनाता है, वहीं योगाभ्यास शरीर को स्वस्थ, ऊर्जावान और सशक्त बनाता है। इसलिए जीवन में योग और राजयोग दोनों का समान महत्व है। कार्यक्रम के अंत में उर्मिला दीदी ने सभी को ईश्वरीय महावाक्य (मुरली) सुनाकर आध्यात्मिक जीवन जीने की प्रेरणा दी।
इस अवसर पर राजयोगिनी ब्रह्माकुमारी ज्योति दीदी ने हाल ही में माउंट आबू में आयोजित कार्यक्रम में कोटा से गए 11 कृषि वैज्ञानिकों के प्रेरणादायक अनुभव साझा किए। उन्होंने योगिक खेती के अद्भुत परिणामों एवं आध्यात्मिक खेती की उपयोगिता पर प्रकाश डालते हुए बताया कि सकारात्मक संकल्प एवं राजयोग के माध्यम से कृषि क्षेत्र में भी आश्चर्यजनक परिवर्तन संभव हैं।
कार्यक्रम का समापन सभी प्रतिभागियों के स्वस्थ, निरोगी एवं आध्यात्मिक जीवन की मंगलकामनाओं के साथ हुआ।






