श्याम सुंदर शर्मा
रामगंज मंडी विधानसभा क्षेत्र के चेचट इलाके में निकाली जा रही 5 दिवसीय जनसंवाद पदयात्रा अब केवल यात्रा नहीं रही, बल्कि ग्रामीण क्षेत्र में जनविश्वास और जनसेवा का महोत्सव बनती जा रही है। शुक्रवार को पदयात्रा के दूसरे दिन गांव-गांव में अभूतपूर्व उत्साह देखने को मिला। खेड़ली में रात्रि विश्राम के बाद सुबह करीब 8 बजे पदयात्रा शुरू हुई तो मार्गभर ग्रामीण स्वागत के लिए खड़े दिखाई दिए। कंवरपुरा, गुडाला, इंटर कॉलोनी चेचट और कोटड़ी सहित कई गांवों में महिलाएं, बुजुर्ग, युवा और बच्चे सुबह से ही पदयात्रा के इंतजार में मार्गों पर खड़े रहे। जैसे ही पदयात्रा गांवों में पहुंची, ग्रामीणों ने पुष्पवर्षा कर आत्मीय स्वागत किया। राजस्थानी संस्कृति पर आधारित घोड़ी नृत्य पूरे दिन आकर्षण का केंद्र बना रहा। कई स्थानों पर ढोल-नगाड़ों और जयकारों के साथ स्वागत किया गया।
सबसे खास बात यह रही कि पदयात्रा जिस गांव से आगे बढ़ती, वहां के ग्रामीण और कार्यकर्ता उसे अपने गांव की सीमा तक छोड़ने पहुंचते और अगले गांव के लोग स्वागत के लिए पहले से इंतजार करते दिखाई देते। तपती धूप और भीषण गर्मी के बावजूद ग्रामीणों का उत्साह कहीं कम नहीं हुआ। ग्रामीणों का कहना था कि पहली बार कोई जनप्रतिनिधि गांव-गांव पैदल पहुंचकर सीधे संवाद कर रहा है। मंत्री दिलावर शुरू से हीं ग्रामीण अंचल में बसें है। जो हर समय ग्रामीणों की पीड़ा सुन कर समस्याओ का समाधान करते है। चेचट को शिक्षा नगरी बना दिया, सभी दूर सडको का जाल बिछा दिया। जिससे काफी राहत मिल रही है।
कोटा स्टोन की पहाड़ियों के बीच मजदूरों से मुलाकात, आमसभाओं में मौके पर समाधान
पदयात्रा के दौरान चेचट इंटर कॉलोनी में कोटा स्टोन की पहाड़ियों के बीच मेहनतकश मजदूरों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनी गईं। मजदूरों ने रोजगार और मूलभूत सुविधाओं से जुड़ी समस्याएं रखीं, जिन पर संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। वहीं विभिन्न स्थानों पर स्वच्छता कर्मियों से भी संवाद कर उनका उत्साहवर्धन किया गया।
गुडाला गांव में आयोजित आमसभा में बड़ी संख्या में ग्रामीण पहुंचे। यहां ग्रामीणों ने पेयजल, सड़क, बिजली, चिकित्सा और अन्य स्थानीय समस्याओं को लेकर आवेदन दिए। एक-एक कर ग्रामीणों की समस्याएं सुनते हुए मौके पर अधिकारियों को समाधान के निर्देश दिए गए। इंटर कॉलोनी चेचट में भी बड़ी संख्या में ग्रामीण जनसुनवाई में पहुंचे और अपनी समस्याएं रखीं।
आमसभाओं में सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी देते हुए पात्र परिवारों को प्रशस्ति पत्र वितरित किए गए। कई ग्रामीणों ने बताया कि पहली बार उनकी समस्याओं को मौके पर गंभीरता से सुना गया। पदयात्रा के दौरान जगह-जगह ग्रामीणों ने पानी, ठंडाई और भोजन की व्यवस्था कर आत्मीयता दिखाई। वहीं भीषण गर्मी के बीच पेड़ों की छांव में बैठकर कार्यकर्ताओं के साथ भोजन और संवाद भी चर्चा का विषय बना रहा। पदयात्रा में रामगंज मंडी विधानसभा के कार्यकर्ताओं के साथ-साथ, बांरा, जयपुर और अलवर तक के कार्यकर्ता भी पदयात्रा में भाग ले रहे हैं।
दूसरे दिन 2.50 करोड़ के विकास कार्यों की घोषणा, गांवों में दिखा विकास का भरोसा
पदयात्रा के दूसरे दिन विभिन्न गांवों में कुल 2.50 करोड़ रुपए के विकास कार्यों की घोषणाएं की गईं। कंवरपुरा में आयोजित आमसभा में 2 करोड़ रुपए के विकास कार्यों की घोषणा की गई। साथ ही विद्यालय परिसर में पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया गया। वंदे गंगा अभियान के तहत विद्यालय प्रशासन द्वारा मिट्टी का मटका भेंट कर स्वागत किया गया।
शाम करीब 6 बजे पदयात्रा कोटड़ी गांव पहुंची, जहां ग्रामीणों ने भीषण गर्मी के बीच ठंडाई पिलाकर स्वागत किया। यहां आयोजित आमसभा में भी बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे और विभिन्न समस्याओं से जुड़े आवेदन दिए गए। ग्रामीणों ने क्षेत्र में सड़क, पानी और अन्य विकास कार्यों की मांग रखी, जिन पर आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
दूसरे दिन की पदयात्रा के बाद यात्रा झोपड़िया, हथोना और सांडियाखेड़ी की ओर रवाना हुई, जहां रात्रि विश्राम रहेगा। पूरे दिन पदयात्रा में उमड़ी भीड़ और ग्रामीणों का उत्साह यह बताने के लिए काफी रहा कि यह यात्रा अब केवल राजनीतिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि ग्रामीणों के बीच जनविश्वास और आत्मीय जुड़ाव का बड़ा माध्यम बन चुकी है।






