कोटा | श्री आदिनाथ दिगम्बर जैन पुण्योदय अतिशय क्षेत्र, नसियां जी दादाबाड़ी, कोटा में आयोजित अहिंसा सामूहिक सम्यग्ज्ञान शिक्षण शिविर का भव्य समापन 28 मई को अत्यंत गरिमामय पुरस्कार वितरण समारोह के साथ सम्पन्न हुआ। आठ दिवसीय इस आध्यात्मिक एवं ज्ञानवर्धक शिविर में बड़ी संख्या में शिविरार्थियों ने भाग लेकर जैन दर्शन, सम्यग्ज्ञान, संस्कार एवं आध्यात्मिक विषयों का गहन अध्ययन किया।
कार्यक्रम का शुभारंभ मंगलाचरण, चित्र अनावरण एवं दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। यह शुभ कार्य श्री कुशल कोठारी, अनिल सिंघल, जवाहर जैन एवं अन्य प्रशासनिक अधिकारियों व आलोक जी मोदी (ललितपुर) एवं विद्वतो द्वारा सम्पन्न कराया गया। इसके पश्चात बच्चों द्वारा प्रस्तुत मनमोहक सांस्कृतिक कार्यक्रम, भक्ति नृत्य एवं प्रेरणादायी बाल नाटिकाओं ने उपस्थित श्रद्धालुओं को भाव-विभोर कर दिया।
अध्यक्ष जम्बू जैन सर्राफ ने बताया कि शिविर का मुख्य उद्देश्य समाज में सम्यग्ज्ञान, संस्कार एवं धार्मिक चेतना का विस्तार करना है। शिविरार्थियों ने अपने अनुभव साझा करते हुए शिविर को अत्यंत ज्ञानवर्धक, प्रेरणादायी एवं जीवन परिवर्तनकारी बताया।
कार्यक्रम में विद्वतश्री आलोक जी मोदी (ललितपुर) एवं विद्वतश्री पारस जी शास्त्री “आदिश्वर” का विशेष सान्निध्य प्राप्त हुआ। दोनों विद्वानों ने अपने उद्बोधनों में सम्यग्ज्ञान के महत्व पर प्रकाश डालते हुए धर्म, संस्कार एवं आत्मकल्याण के मार्ग पर चलने की प्रेरणा प्रदान की।
मुख्य संयोजक धर्मचंद जैन धनोप्या, अर्चना (रानी) जैन सर्राफ एवं संयोजक मनोज बगड़ा के निर्देशन में शिविर के दौरान विभिन्न धार्मिक ग्रंथों एवं विषयों पर परीक्षाओं का आयोजन किया गया। उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को सम्मानित किया गया।🏆 प्रतियोगिता परिणाम इस प्रकार रहे:📖 जीवकांड जी + तत्त्वार्थ सूत्र
सर्वोच्च स्थान — श्रीमति विद्या जैन – अश्वनी जैन
प्रथम — शशि जैन – अशोक पाटोदी
द्वितीय — श्रीमति बीना – अंतिम बगड़ा
तृतीय — श्रीमती नीलम जैन – निर्मल जैन
📖 कुन्दकुन्द का कुन्दन
प्रथम — सीमा जैन – लालचंद लुहाडिया
द्वितीय — शिप्रा – सुरेश जैन
तृतीय — सिद्धेश्वरी – ओमप्रकाश डूगरवाल
📖 द्रव्य संग्रह
प्रथम — प्रीतिका जैन – रोहित जैन
द्वितीय — स्वप्निल जैन – पीयूष जैन
तृतीय — रंजिता – दीपक हरसोरा
📖 छहढ़ाला
प्रथम — पारवी – अतिवीर जैन
द्वितीय — खुशी – संजय कुमार जैन
तृतीय — गरिमा – लोकेश पाटनी
📖 बालबोध भाग 1-2
प्रथम — काशवी – सुरेन्द्र
द्वितीय — आध्या – रोहित जैन
तृतीय — पहल – पंकज जैन
सांत्वना — काश्वी – अमन जैन
निदेशक हुकम जैन काका ने बताया कि पूज्य गुरुदेव सुधा सागर जी महाराज के आशीर्वाद से कार्यकारिणी वर्ष में तीन से चार बार ऐसे सम्यग्ज्ञान शिक्षण शिविर आयोजित करने हेतु सदैव तत्पर रहेगी, जिससे क्षेत्र में धर्म, संस्कार एवं सम्यग्ज्ञान का प्रकाश निरंतर फैलता रहे।
प्रशासनिक अधिकारी श्री कुशल कोठारी ने बच्चों की सांस्कृतिक प्रस्तुतियों एवं पाठशाला में दिए जा रहे संस्कारों की भूरि-भूरि प्रशंसा की।
कार्यक्रम का सफल संचालन सौरभ सिद्धार्थ शास्त्री, कोटा द्वारा किया गया। शिविर के दौरान उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को पुरस्कार एवं प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया।
उपाध्यक्ष सुमित सेंकी ने बताया कि विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाले विद्वानों एवं सहयोगियों व पुण्यार्जकों का भी विशेष सम्मान किया गया। आयोजन की सफलता में महामंत्री महेन्द्र जैन कासलीवाल, कोषाध्यक्ष मनीष जैन मोहिवाल, विकास माडलगढ़, अंकित डुंगरवाल सोनू माड़िया, दीपक हरसोरा, अंकित हरसोरा पाठशाला संयोजिकाओं, कार्यकारिणी सदस्यों एवं समस्त कार्यकर्ताओं का विशेष सहयोग रहा।
विद्वानों — आलोक जी मोदी (ललितपुर), पारस जी शास्त्री “आदिश्वर”, सौरभ सिद्धार्थ जी शास्त्री, अभिषेक शास्त्री, शुभम शास्त्री, दीपांशु शास्त्री एवं हेमंत शास्त्री — का अभिनंदन एवं सम्मान किया गया।
समारोह के अंत में उपस्थित श्रद्धालुओं ने शिविर के सफल आयोजन पर हर्ष व्यक्त करते हुए भविष्य में भी ऐसे ज्ञानवर्धक एवं संस्कारवर्धक आयोजनों के निरंतर संचालन की मंगलकामना की।






