ज़ी.एस.भारती
झालावाड़। झालावाड़ जिले के ग्राम हेमडा में शुक्रवार को ग्राम पंचायत द्वारा महिला कृषक प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस विशेष कार्यक्रम में महिला कृषकों को कृषि विभाग की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की विस्तृत जानकारी प्रदान की गई, ताकि वे इनका लाभ उठाकर अपनी आय और उत्पादकता में वृद्धि कर सकें।
कार्यक्रम के दौरान राज्य सरकार द्वारा संचालित “वंदे गंगा” जल संरक्षण जन अभियान के अंतर्गत महिलाओं को जल संरक्षण की शपथ दिलाई गई। इस अवसर पर मौजूद महिलाओं ने भविष्य में जल की हर बूंद को बचाने और संरक्षण के प्रति अपनी सक्रिय भागीदारी निभाने का संकल्प लिया।
कार्यक्रम में सरपंच प्रतिनिधि नरेन्द्र सिंह सोनगरा, कृषि पर्यवेक्षक (हेमडा) ललित गौतम और कृषि पर्यवेक्षक सुनील शर्मा विशेष रूप से उपस्थित रहे। अतिथियों ने महिला कृषकों को जल प्रबंधन, सूक्ष्म सिंचाई पद्धतियों और जैविक खेती के महत्व के बारे में भी जागरूक किया।
क्या है “वंदे गंगा” जल संरक्षण जन अभियान?
यह अभियान 25 मई, गंगा दशहरा के अवसर पर राज्य भर में शुरू किया गया है, जो 5 जून यानी ‘विश्व पर्यावरण दिवस’ तक चलेगा। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य जल स्रोतों का संरक्षण, स्वच्छता और जल संरक्षण के प्रति जनभागीदारी को बढ़ावा देना है।
इस अभियान के तहत कृषि एवं उद्यान विभाग द्वारा सूक्ष्म सिंचाई, फार्म पॉण्ड और ड्रिप सिंचाई पर कार्यशालाएं आयोजित की जा रही हैं। वहीं, नगरीय और ग्रामीण क्षेत्रों में जल स्रोतों की साफ-सफाई, डी-सिल्टिंग, पौधारोपण और जल चौपाल जैसे कार्यक्रमों के माध्यम से जनजागरूकता फैलाई जा रही है।
अभियान का समापन 5 जून को विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर जिला स्तरीय समारोह के साथ होगा, जहाँ जल संरक्षण के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले ‘जल-योद्धाओं’ और संस्थाओं को “जल गौरव सम्मान” से नवाजा जाएगा।





