बून्दी/पचायती राज संगठन राजस्थान के विधानसभा प्रभारी बूंदी एवं प्रदेश कोऑर्डिनेटर महावीर सेन ने राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि माननीय न्यायालय ने ओबीसी प्रतिनिधित्व आयोग को 20 जून तक अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं, जबकि सरकार को 31 जुलाई तक नगर निगम एवं पंचायत चुनाव कराने के आदेश भी दिए गए हैं।
महावीर सेन ने आरोप लगाया कि प्रदेश में पहले से ही राजस्थान राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग के रूप में स्थायी आयोग गठित था, फिर नया ओबीसी प्रतिनिधित्व आयोग बनाने की आवश्यकता क्यों पड़ी। उन्होंने कहा कि सरकार चाहती तो स्थायी आयोग से ही यह कार्य कराया जा सकता था।
उन्होंने कहा कि नया आयोग गठित करने से अनावश्यक देरी और भ्रम की स्थिति पैदा हुई है, जिसका असर स्थानीय निकाय चुनावों पर पड़ रहा है। सेन ने कहा कि सरकार को पारदर्शिता के साथ कार्य करते हुए समयबद्ध तरीके से ओबीसी वर्ग को राजनीतिक प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करना चाहिए।
उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार स्थानीय निकाय चुनावों को लेकर गंभीर नहीं है और आयोगों के गठन के नाम पर केवल प्रक्रियाओं को लंबा खींचा जा रहा है। सेन ने मांग की कि सरकार न्यायालय के निर्देशों का पालन करते हुए समय पर रिपोर्ट प्रस्तुत कराए तथा नगर निगम और पंचायत चुनाव निष्पक्ष एवं समय पर करवाए।










