Monday, May 25, 2026
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अपना घर आश्रम ने एक ही दिन में तीन लोगों को परिवार से मिलाया 

भारत सिंह चौहान

कोटा/अपना घर आश्रम एक तरफ़ लावारिस मानसिक विमंदितों के लिए आश्रय गृह तो है वहीं दूसरी ओर इन मानसिक विमंदितों की चिकित्सा और नियमित काउंसलिंग करके उन्हें उनके परिवार से मिलाने का कार्य भी बड़ी कुशलता से कर रहा है ।कुछ लोगों के परिजनों की आर्थिक स्थितियों या अन्य किन्हीं कारणों से जब वे सूचना मिलने पर भी उन्हें लेने के लिए कोटा नहीं आपाते हैं तो अपना घर की टीम स्वयं उन्हें उनके परिजनों तक पहुंचाती है । इसी क्रम में अपना घर आश्रम ने एक ही दिन में बारां जिले के तीन व्यक्तियों को आश्रम की एंबुलेंस के द्वारा उनके परिजनों तक पहुंचाया। लंबी चिकित्सा के बाद ये तीनों व्यक्ति केवल अपने गांव का नाम ही बता पा रहे थे जो कि बारां जिले के ही अलग अलग गांव हैं।

जिनमें से एक जिसका नाम बलराम है ,जो कि बारां जिले की छिपाबड़ोड़ तहसील के काला टोल गांव का रहने वाला है । जब इसे लेकर अपना घर की एंबुलेंस वहाँ पहुची तो गांव में भीड़ इकट्ठी हो गई । उसके घर में उसके वृद्ध दादा जी मिले जिन्होंने बताया कि वह चार साल से घर से लापता है और उन्होंने सोच लिया था था कि बलराम की मृत्यु हो चुकी होगी । घर में कोई अन्य ऐसा व्यक्ति नहीं था जो उसको ढूँढ पाता ।आप दादा हीरालाल अपने पौत्र को अपने द्वार पर स्वस्थ देख कर आश्चर्य चकित रह गए और उन्होंने अपना घर की टीम को बहुत बहुत दुआयें दी ।बलराम विगत दो वर्षों से अपना घर आश्रम में रह रहा था और उसे नयापुरा से लाया गया था ।गत वर्ष स्टेशन रोड रंगपुर से लावारिस अवस्था में लाए गए प्रेम नारायण ने कुछ दिनों पूर्व बताया कि वह फतहपुर बारां का रहने वाला है । जब टीम उसे लेकर फतहपुर पहुँची तो वहाँ उसका भाई धन्नालाल नगर मिला ।जिसने बताया कि उसका भाई लगभग डेढ़ वर्ष से लापता था ।

इसी प्रकार दो वर्ष पूर्व अनंतपूरा क्षेत्र से रेस्क्यू टीम द्वारा हरीश को अपना घर आश्रम में आश्रय दिया हया था ।नियमित चिकित्सा के बाद उसने बताया कि वह अन्ता के समीप सोरसन गांव का रहने वाला है ।जब उसे लेकर अपना घर की टीम सोरसन पहुँची तो वहाँ आसपास के बहुत से लोग इकट्ठा हो गए । उसके घर में उसकी एक बूढ़ी माँ रतन बाई और भतीजी अंजलि राठौर मिली ।माँ अपने बेटे से मिलकर भाव विभोर हो गई और बहुर देर तक सीने से लगाये रखा ।समस्त गांववासी इस अद्भुत दृश्य को देखकर द्रवित हो गए ।वहीं गांव के एक समाज सेवी अमन गोचर ने अपना घर आश्रम के इस अद्वितीय कार्य की बहुत सराहना की ।

 

 

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