भारत सिंह चौहान
कोटा/संसद विजिट , कोटा टूरिज्म , विचारों की उड़ान जैसी पुस्तकों के लेखन से चर्चित लेखक परमानन्द गोयल द्वारा लिखित व संपादित महत्वपूर्ण पुस्तक “कोटा लैंड बैंक: विश्लेषण और अवसर” आज ‘कॉन्ट्रैक्टर एसोसिएशन, कोटा विकास प्राधिकरण’ के पदाधिकारियों एवं सदस्यों को भेंट की गई।
यह पुस्तक केडीए (KDA) के रिक्त भूखंडों, आवासों से संबंधित जानकारियों, अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्नों (FAQ), संपत्ति क्रय-विक्रय के मनोविज्ञान और भविष्य के निवेश के लिए उपयुक्त योजनाओं के व्यावहारिक चयन के लिए महत्वपूर्ण बिंदुओं पर आधारित है।
पुस्तक भेंट के दौरान एसोसिएशन के अध्यक्ष योगेश शर्मा ने कहा कि यह पुस्तक न केवल विभागीय स्तर पर बल्कि आम नागरिकों और निवेशकों के लिए भी एक मार्गदर्शिका सिद्ध होगी। पुस्तक की उपयोगिता और सीमित प्रतियों को देखते हुए, व्यापक जनहित में इसकी पीडीएफ (PDF) डिजिटल प्रति भी समिति के सदस्यों के साथ साझा की गई है। इस अवसर पर समिति के संरक्षक कृष्ण गोपाल माहेश्वरी, सौरभ खटाणा, मनीष गौतम, रोहित गोस्वामी सहित एसोसिएशन के अन्य सदस्य उपस्थित रहे।
गोयल की यह 8वीं पुस्तक
उल्लेखनीय है कि केडीए के राजस्व सलाहकार परमानन्द गोयल की यह आठवीं प्रकाशित पुस्तक है, जो भूमि प्रबंधन एवं शहरी विकास के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण संदर्भ के रूप में सराही जा रही है। इससे पूर्व गोयल “संसद विजिट – यादें”, “कोटा टूरिज्म” और “हाड़ौती गौरव सम्मान 2026” जैसी सात बेहद सफल पुस्तकों का लेखन व संपादन कर चुके हैं।
पुस्तक की प्रमुख विशेषताएं जो इसे बनाती हैं खास:
• व्यावहारिक एवं सरल मार्गदर्शन: आमजन की सुविधा के लिए इसमें केस स्टडी, व्यावहारिक उदाहरणों और FAQ के माध्यम से नियमों की बेहद सरल व्याख्या की गई है।
• त्रि-कोरिडोर मॉडल (Tri-Corridor Model): हाड़ौती क्षेत्र के समग्र और सुनियोजित औद्योगिक-शहरी विकास हेतु इसमें एक अभिनव दृष्टिकोण प्रस्तुत किया गया है।
• भूमि प्रबंधन का गहन विश्लेषण: विभागीय संपदा के प्रभावी उपयोग, पारदर्शी आवंटन एवं नीलामी प्रक्रियाओं से संबंधित शोधपरक जानकारियां समाहित हैं।
• यह पुस्तक नीति-निर्माताओं, शहरी योजनाकारों, विभागीय अधिकारियों के साथ-साथ रियल एस्टेट क्षेत्र से जुड़े पेशेवरों और आम नागरिकों के लिए बेहद उपयोगी साबित हो रही है।





