Saturday, May 16, 2026
IMG-20260122-WA0067
previous arrow
next arrow

Top 5 This Week

Related Posts

मोदीजी के बजत आव्हान का असर पूरे देश में दिखाई दे रहा है — अरविन्द सिसोदिया

कोटा, 15 मई। राजस्थान राज्य पाठ्यपुस्तक मंडल के शिक्षा प्रोत्साहन प्रन्यासी एवं वरिष्ठ बुद्धिजीवी अरविन्द सिसोदिया ने कहा कि ” वर्तमान विषम वैश्विक परिस्थितियों, विशेषकर पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव, कच्चे तेल की कीमतों में अस्थिरता और संभावित ऊर्जा आवश्यकताओं हेतु सावधानी को देखते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदीजी द्वारा दिया गया जो “7-सूत्रीय संयम” का संदेश अब पूरे देश में व्यापक जनस्वीकार्यता प्राप्त कर रहा है।” उन्होंने कहा कि ” यह केवल सरकारी आग्रह नहीं, बल्कि राष्ट्रहित, आत्मसंयम, संसाधन संरक्षण और आर्थिक आत्मनिर्भरता का राष्ट्रीय महाअभियान है। जिसके साथ प्रत्येक नागरिक जुड़ रहा है।”

सिसोदिया ने कहा कि ” केंद्र और राज्य सरकारों में ऑनलाइन बैठकों, डिजिटल कार्यप्रणाली, अनावश्यक यात्राओं में कटौती, विदेशी दौरों को सीमित करने तथा रेलवे माल ढुलाई को प्राथमिकता देने जैसे कदम तेजी से अपनाए जा रहे हैं। सरकारी वाहनों के उपयोग में संयम और इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा भी इसी दिशा में महत्वपूर्ण प्रयास हैं। वहीं कृषि क्षेत्र में रासायनिक उर्वरकों के स्थान पर नैनो यूरिया और प्राकृतिक खेती के प्रति जागरूकता बढ़ाई जा रही है, जिससे आयातित संसाधनों पर निर्भरता कम हो सके।”

उन्होंने कहा कि “कॉरपोरेट और आईटी क्षेत्र में भी “वर्क फ्रॉम होम”, वर्चुअल मीटिंग्स, बिजनेस टूर में कटौती, कारपूलिंग और सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा देने जैसे कदम सकारात्मक संकेत हैं। सामाजिक और व्यापारिक संगठनों द्वारा शादियों में फिजूलखर्ची रोकने, विदेशी ब्रांड्स के बजाय स्वदेशी उत्पादों को प्रोत्साहन देने तथा खाद्य तेलों और ऊर्जा के संयमित उपयोग के अभियान भी राष्ट्रहित की भावना को मजबूत कर रहे हैं।”

सिसोदिया ने कहा कि ” प्रधानमंत्री मोदी स्वयं सीमित काफिले और सादगीपूर्ण कार्यशैली से अनुकरणीय उदाहरण प्रस्तुत कर रहे हैं। लोकतंत्र में स्वस्थ परंपराएं तभी विकसित होती हैं, जब सत्ता और विपक्ष दोनों “राष्ट्रप्रथम” की भावना के साथ राष्ट्रीय चुनौतियों के समय सकारात्मक भूमिका निभाएं।” उन्होंने कहा कि “ऊर्जा संरक्षण और सादगी को यदि जनआंदोलन का रूप दिया गया, तो यह भारत की आर्थिक मजबूती, आत्मनिर्भरता और राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए ऐतिहासिक कदम सिद्ध होगा।”

 

 

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Popular Articles