अभिभावक ध्यान दें: इस घड़ी में बच्चे को रैंक की नहीं, आपके साथ और हौसले की जरूरत है
डॉ. नयन प्रकाश गांधी ,युवा मैनेजमेंट विश्लेषक ,पब्लिक पॉलिसी एक्सपर्ट ,करियर एनएलपी लाइफ कोच
नीट परीक्षा 2026 के रद्द होने की खबर ने लाखों घरों में चिंता की लकीरें खींच दी हैं। लेकिन एक करियर कोच के रूप में मेरा मानना है कि यह समय केवल परीक्षा की चर्चा का नहीं, बल्कि बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य को सहेजने का है। यह एक तरह से उनके लिए मानसिक दबाव का कारक होगा जिसने ईमानदारी से पेपर दिया और बेहतरीन अंक प्राप्त किए थे ,और वही दूसरी और यह उन बच्चों हेतु आशाओं की किरण भी लेकर आया जिनके चार सो ,पांच सौ मार्क्स आए थे उन्हें दोबारा स्वय को रीसेट ,रिवाइज करने का मौका भी मिला है । ज्यादातर कम मनोबल वाले बच्चों हेतु यह मानसिक अवसाद का कारण भी बन सकता है ,क्योंकि अब बच्चों को पुनः इतने कड़े परिश्रम के साथ घंटों अध्ययन कर पुनः एक्जाम को नए सिरे से देना होगा ।

अभिभावकों के लिए चेतावनी: रैंक की नहीं, साथ की जरूरत :
इस नाजुक घड़ी में अभिभावक ध्यान दें,आपका बच्चा पहले से ही अनिश्चितता के भारी दबाव में है। परीक्षा रद्द होना उसकी गलती नहीं है, लेकिन इसका मानसिक बोझ वह सबसे ज्यादा महसूस कर रहा है।
तनाव की पहचान करें: यदि बच्चा अचानक चुप रहने लगे या चिड़चिड़ा हो जाए, तो समझ लें उसे आपके ‘हौसले’ की जरूरत है।
उम्मीदों का बोझ न डालें: उसे यह न कहें कि “अब तो तुम्हें और ज्यादा पढ़ना चाहिए।” इसके बजाय कहें, “हम तुम्हारे साथ हैं, तुम बस अपनी लय बनाए रखो।”
संवाद ही समाधान है: बच्चे से करियर के अलावा भी बातें करें। उसे अहसास दिलाएं कि उसकी अहमियत एक ‘रैंक’ से कहीं ज्यादा है। आपकी एक मुस्कान और “कोई बात नहीं, हम फिर से कर लेंगे” वाला भरोसा उसे टूटने से बचा सकता है।
➡️आगामी परीक्षा के लिए ‘विजयी रणनीति‘
परीक्षा की नई तारीख आने तक छात्रों को अपनी ऊर्जा को सही दिशा में लगाने की जरूरत है। करियर एक्सपर्ट डॉ नयन प्रकाश गांधी ने पांच बिंदुओं के आधार पर आज से ही रणनीति सेट करनी की सलाह दी है जानिए ये रणनीति जिससे एक मेहनती ,स्मार्ट तैयारी वाला बच्चा काफी आसानी से दोबारा होने वाली परीक्षा में अपने मार्क्स सुधार कर बेस्ट से बेस्ट मेडिकल कॉलेज की प्राप्त करने की रणनीति में सफल बन सकता है …
1. ‘गैप एनालिसिस’ से कमियों को पहचानें
अब तक की तैयारी में जो चैप्टर्स आपके ‘कमजोर’ थे, उन्हें प्राथमिकता दें। पिछले मॉक टेस्ट में हुई गलतियों की एक अलग डायरी बनाएं और उन पर काम करें। अब आपके पास उन विषयों को गहराई से समझने का ‘बोनस समय’ है। जो सभी प्रतिभागियों को समान रूप से मिल रहा है ,मौका है दुगुने जोश ऊर्जा से इसे भुनाने का ।
2. NCERT: आपकी असली मार्गदर्शिका
नीट में सफलता का रास्ता एनसीईआरटी की गलियों से होकर ही गुजरता है। बायोलॉजी की हर लाइन, केमिस्ट्री के रिएक्शंस और फिजिक्स के कॉन्सेप्ट्स को एक बार फिर नए सिरे से पढ़ें। इस अतिरिक्त समय का उपयोग नोट्स को और अधिक संक्षिप्त बनाने में करें,ताकि अधिक से अधिक रिवीजन में ध्यान दिया जा सके ।
3. बायोलॉजिकल क्लॉक को सेट रखें
अक्सर परीक्षा टलने पर छात्र देर रात तक जागने और अनुशासन हीन होकर दिन में सोने लगते हैं। ऐसा न करें। नियमित एक रूटीन के साथ स्वास्थ्य आहार के साथ परीक्षा मॉडल के अनुसार दोपहर 2 से 5 के बीच होती है, इसलिए इस समय अपने दिमाग को सबसे ज्यादा सक्रिय रखें ,ताकि यह आपकी आदत बन जाए ,क्योंकि दोपहर में अगर आपकी नींद की असमय आदत बन गई तो परीक्षा के दिन समस्या हो सकती है ,इस दौरान हर दूसरे दिन एक फुल-लेंथ मॉक टेस्ट देने का अभ्यास जारी रखें।क्योंकि कोचिंग स्टडी हो चुकी है यह दोबारा पेपर है अतः घर में अनुशासन बनाकर सेल्फ स्टडी आपके लिए बेहतरीन मार्क्स लाने में मददगार हो सकती है।
4. ‘बर्नआउट’ से बचें, निरंतरता अपनाएं
दिन भर 15-16 घंटे पढ़ने की बजाय, 8-10 घंटे की ‘क्वालिटी स्टडी’ करें। बीच-बीच में ब्रेक लें, योग करें और अपनों से बात करें। याद रखें, यह दौड़ ‘तेज’ दौड़ने की नहीं, बल्कि ‘लगातार’ दौड़ने की है।
सत्य की हमेशा विजय होती है। प्रिय बच्चों, यह समय हताश होने का नहीं, बल्कि खुद को पुनर्गठित करने का है। अपनी मेहनत की लौ को जलाए रखें। आपकी ईमानदारी और यह मार्गदर्शन मिलकर आपको आपकी मंजिल तक अवश्य पहुंचाएगा।






