कोटा/प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय, कमला उद्यान कोटा में अंतर्राष्ट्रीय नर्स दिवस श्रद्धा, सम्मान एवं उत्साह के साथ मनाया गया। कार्यक्रम में विभिन्न अस्पतालों एवं चिकित्सा संस्थानों से पधारे नर्सिंग कर्मी सेवाधारी भाई-बहनों का केंद्र प्रभारी राजयोगिनी ब्रह्माकुमारी रेणुका दीदी ने तिलक, बैज एवं सम्मान पटका पहनाकर आत्मीय स्वागत एवं अभिनंदन किया।
कार्यक्रम की मुख्य अतिथि डॉ. कृष्णा जी रहीं। उन्होंने सभी नर्सिंग कर्मियों को अंतर्राष्ट्रीय नर्स दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए कहा कि नर्सिंग सेवा मानवता की सबसे श्रेष्ठ सेवाओं में से एक है। रोगियों की सेवा, देखभाल और उन्हें मानसिक संबल देना वास्तव में ईश्वर सेवा के समान है। कार्यक्रम का सुंदर संचालन ब्रह्माकुमारी लक्की दीदी ने किया।
इस अवसर पर लवकुश हॉस्पिटल, नवकार हॉस्पिटल, श्री हरि हॉस्पिटल, धाकड़ हॉस्पिटल, कुन्हाड़ी डिस्पेंसरी, महाराव भीम सिंह चिकित्सालय तथा नारी निकेतन नांता से आए हुए नर्सिंग कर्मी भाई-बहनों को सेवा केंद्र में स्थित मनमोहक आध्यात्मिक म्यूजियम एवं आर्ट गैलरी का अवलोकन भी करवाया गया। आध्यात्मिक ज्ञान एवं सकारात्मक संदेशों से परिपूर्ण म्यूजियम को देखकर सभी ने अत्यंत प्रसन्नता व्यक्त की तथा इसकी सराहना की।
केंद्र प्रभारी राजयोगिनी ब्रह्माकुमारी उर्मिला दीदी ने अपने प्रेरणादायी उद्बोधन में कहा कि नर्सिंग सेवा अत्यंत जिम्मेदारी, धैर्य और संवेदनशीलता से जुड़ी हुई सेवा है। इस सेवा को सफलतापूर्वक निभाने के लिए मन का शक्तिशाली, शांत एवं सकारात्मक होना बहुत आवश्यक है। इसके लिए प्रत्येक व्यक्ति को राजयोग मेडिटेशन सीखना चाहिए, जिससे हम स्वयं भी तनावमुक्त रह सकें और दुखी एवं परेशान रोगियों तथा उनके परिवारजनों को सच्ची सांत्वना एवं मानसिक शक्ति प्रदान कर सकें।
उन्होंने कहा कि नर्सिंग केवल एक पेशा नहीं, बल्कि मानवता की सच्ची साधना है। इस सेवा के माध्यम से व्यक्ति अनगिनत दुआएं कमा सकता है, क्योंकि पीड़ित मन से निकली दुआ और बददुआ दोनों का गहरा प्रभाव पड़ता है। इसलिए प्रत्येक सेवाधारी को सदैव प्रेम, करुणा, धैर्य एवं मधुर व्यवहार के साथ अपनी सेवाएं प्रदान करनी चाहिए।
कार्यक्रम के अंत में सभी अतिथियों एवं नर्सिंग कर्मियों को प्रेमपूर्वक अल्पाहार कराया गया। कार्यक्रम का वातावरण आध्यात्मिकता, सम्मान एवं सकारात्मक ऊर्जा से ओत-प्रोत रहा।






