Sunday, October 11, 2026
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सभी नागरिक थोड़ी-थोड़ी सावधानी और आत्मसंयम अपनाए, भारत को फौलादी मज़बूत बनाएं – अरविन्द सिसोदिया 

भारत सिंह चौहान

कोटा। राजस्थान राज्य पाठ्यपुस्तक मंडल के शिक्षा प्रोत्साहन प्रन्यासी एवं वरिष्ठ बुद्धिजीवी अरविन्द सिसोदिया नें प्रधानमंत्री मोदीजी के आर्थिक अनुशासन के आग्रह का स्वागत करते हुये कहा है कि “वर्तमान वैश्विक भू-राजनीतिक परिस्थितियों, विशेषकर पश्चिम एशिया में बढ़ते युद्ध तनाव, ईरान-अमेरिका टकराव तथा होर्मुज स्ट्रेट संकट के कारण पूरी दुनिया ऊर्जा, रसायन और विदेशी मुद्रा संकट सहित आर्थिक दबाव का सामना कर रही है। बार बार युद्ध और युद्ध विराम जैसी अस्थिर स्थिति और कच्चे तेल की आपूर्ति में कमी और कीमतों में लगातार हो रही वृद्धि का प्रभाव भारत सहित अधिकांश देशों की अर्थव्यवस्था पर पड़ रहा है। ऐसे समय में भारत के विदेशी मुद्रा भंडार को सुरक्षित रखना राष्ट्रीय प्राथमिकता है और उसे बनाये रखने हेतु प्रधानमंत्री मोदीजी के अनुशासन आग्रह कर्तव्यस्वरूप स्वागत योग्य हैँ।”

राष्ट्रवादी सामाजिक चिंतक अरविन्द सिसोदिया ने प्रधानमंत्री के इस विजन का समर्थन करते हुए कहा कि “पूरा देश मोदीजी के साथ मजबूती से खड़ा है। विदेशी मुद्रा भंडार को सुरक्षित रखना आज प्रत्येक नागरिक का राष्ट्रीय कर्तव्य है। भारत की आर्थिक शक्ति और वैश्विक प्रतिष्ठा बनाए रखने के लिए पक्ष विपक्ष भूल कर सभी को देशहित के साथ खड़ा होना चाहिए।”

अरविन्द सिसोदिया ने कहा कि ” प्रत्येक देशवासी मजबूत भारत, सीनातान कर खड़ा भारत चाहता है। इसलिए भारत को अधिक मजबूती देनें के लिए देशवासी देश के साथ खडे हैँ। मोदीजी पर पूरा विश्वास है वे प्रत्येक समस्या को देशवासियो के साथ मिल कर परास्त करते आये हैँ। ” उन्होंने कहा कि ” वर्तमान समय राजनीतिक मतभेदों से ऊपर उठकर राष्ट्रहित में एकजुट होने का है। यदि प्रत्येक नागरिक थोड़ी-थोड़ी सावधानी और आत्मसंयम अपनाए, तो भारत इस वैश्विक आर्थिक चुनौती का सफलतापूर्वक सामना करेगा और आत्मनिर्भर भारत का संकल्प और अधिक मजबूत होगा।”

प्रधानमंत्री द्वारा देशवासियों से किए गए प्रमुख आग्रह

1. ईंधन की बचत करें – प्रधानमंत्री जी ने नागरिकों से पेट्रोल और डीजल की अनावश्यक खपत कम करने की अपील की है। छोटी दूरी के लिए पैदल चलने या सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करें। आपस में वाहन शेयरिंग को बढ़ावा दें। अनावश्यक वाहन उपयोग से बचें। ऊर्जा संरक्षण को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाएं।

2. कम से कम एक वर्ष तक नया सोना न खरीदें – भारत दुनिया के सबसे बड़े सोना आयातक देशों में शामिल है। कुछ समय से सोना अनावश्यक अत्यधिक मंहगाई दर पर है। सोने के आयात पर भारी मात्रा में विदेशी मुद्रा खर्च होती है। प्रधानमंत्री मोदीजी का नागरिकों से आग्रह किया है कि राष्ट्रहित में कम से कम एक वर्ष तक नया सोना खरीदने से बचें, ताकि विदेशी मुद्रा भंडार पर दबाव कम किया जा सके।

3. गैर-जरूरी विदेश यात्राओं से बचें – प्रधानमंत्री जी ने एक वर्ष तक अनावश्यक विदेशी यात्राएं सीमित करने की सलाह दी है।पर्यटन एवं विलासिता संबंधी विदेश यात्राओं को टालें। आवश्यक होने पर ही विदेशी मुद्रा का उपयोग करें। “वोकल फॉर लोकल” और “भारत में पर्यटन” को बढ़ावा दें।

4. स्वदेशी उत्पादों को प्राथमिकता दें – प्रधानमंत्री जी ने देशवासियों से आयातित वस्तुओं के स्थान पर भारतीय उत्पादों को अपनाने का आग्रह किया है, ताकि विदेशी मुद्रा का अनावश्यक बहिर्गमन रोका जा सके और देश की अर्थव्यवस्था मजबूत हो।

5. ऊर्जा एवं संसाधनों के संयमित उपयोग का आह्वान – प्रधानमंत्रीजी ने बिजली, गैस तथा अन्य संसाधनों के विवेकपूर्ण उपयोग पर भी बल दिया है, जिससे आयातित ऊर्जा पर निर्भरता कम हो सके।

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