कोटा। राजस्थान राज्य पाठ्यपुस्तक मंडल के शिक्षा प्रोत्साहन प्रन्यासी एवं वरिष्ठ बुद्धिजीवी अरविन्द सिसोदिया ने कहा कि “कम्युनिस्ट विचार की हिंसा, भय और बदले की भावना से लिप्त बंगाल की रक्तरंजीत राजनीतिक चुनौती को परास्त कर, चुनाव आयोग और सर्वोच्च न्यायालय सहित मोदी सरकार नें हिंसा और भयमुक्त चुनाव सम्पन्न करवाने का ऐतिहासिक कार्य सम्पन्न किया है, जिसके लिए वे सम्मान और शाबासी के पात्र है।”
उन्होंने कहा कि “विशेषकर विपक्षी दलों की राजनीतिक धमकियों,दुष्प्रचारों और बार बार न्यायालयींन चुनौतीयों का सामना करते हुए निर्वाचन आयोग के मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने कुशलतापूर्वक पश्चिम बंगाल को भयमुक्त वातावरण उपलब्ध करवाकर हिंसा मुक्त मतदान सम्पन्न करवाया। इसके लिए उन्हें सम्मानित किया जाना चाहिए।”
उन्होंने कहा कि “पश्चिम बंगाल लंबे समय से चुनावी हिंसा की चुनौतियों से जूझता रहा है। पहले वामपंथी सरकार में विचारधारा के आधार पर जो हिंसा होती थी, वही ममता बनर्जी की सरकार में उसकी ट्रू कॉपी बन गई। लगभग सभी असामाजिक तत्व सरकारी संरक्षण में सरकार का हिस्सा बन गए, जिनका मुख्य कार्य बंगाल की जनता का जनशोषण हो गया था । कानून व्यवस्था और संविधान सम्मत राज बंगाल में पूरी तरह समाप्त हो गया था ।”
सिसोदिया ने कहा कि “पश्चिम बंगाल के 2018 और 2023 के पंचायतीराज चुनाव हों, या 2021 के विधानसभा और 2024 के लोकसभा चुनाव, हर बार हत्या, बलात्कार, घरों पर हमले, आगजनी सहित हिंसक घटनाओं की सुर्खियां बनीं रहीं हैँ ।”
उन्होंने कहा कि “गत विधानसभा चुनाव के बाद ममता बनर्जी सरकार ने भाजपा समर्थक वोटरों और उम्मीदवारों को चुनाव बाद भी कई कई महीनों तक भी निशाना बनाया। इस हिंसा के कारण विपक्षी मतदाता इतने भयभीत हुए कि लोकसभा 2024 में बड़ी संख्या में घर से निकले तक नहीं और इसका चुनावी लाभ टीएमसी नें लोकसभा सांसद संख्या बढ़ा कर लिया।”
सिसोदिया ने बताया कि “इन परिस्थितियों में इस बार चुनाव आयोग ने सुदृढ़ और योजनाबद्ध रणनीति अपनाई। केंद्रीय बलों की समयपूर्व तैनाती, संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी, तथा वेबकास्टिंग व रियल-टाइम मॉनिटरिंग से चुनाव प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और सुरक्षित बनी। इससे मतदाताओं का मनोबल बढ़ा और वे अधिक आत्मविश्वास के साथ मतदान करते नजर आए। जिससे मतदान प्रतिशत में भी इजाफा हुआ।”
सिसोदिया ने कहा कि “2018 से 2024 तक की हिंसक पृष्ठभूमि के मुकाबले वर्तमान चुनाव, मतदान सम्पन्न होने तक, कुशल प्रबंधन और सुदृढ़ व्यवस्था का उत्कृष्ट उदाहरण है। यह लोकतंत्र में विश्वास की पुनर्स्थापना की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। इसके लिए चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की टीम सम्मान और शाबाशी की हकदार है।”






