:-राजेन्द्र सेन
देश में महिला सशक्तिकरण की दिशा में लागू किए गए नारी शक्ति वंदन अधिनियम, 2023 के तहत महिलाओं को आरक्षण देने के निर्णय का जहां व्यापक स्वागत हो रहा है, वहीं अब अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) की महिलाओं को भी इसमें शामिल करने की मांग जोर पकड़ रही है।
ओबीसी एडवाइजरी काउंसिल के सदस्य एवं एआईसीसी ओबीसी विभाग के पूर्व नेशनल कोऑर्डिनेटर राजेन्द्र सेन ने इस संबंध में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को ज्ञापन भेजकर महिला आरक्षण कानून में संशोधन की मांग की है।
ज्ञापन में कहा गया है कि वर्तमान प्रावधानों में अनुसूचित जाति (SC) एवं अनुसूचित जनजाति (ST) की महिलाओं के लिए आरक्षण सुनिश्चित किया गया है, लेकिन ओबीसी वर्ग की महिलाओं के लिए अलग से कोई प्रावधान नहीं किया गया है। जबकि अधिनियम में “आरक्षण के भीतर आरक्षण” का प्रावधान पहले से मौजूद है।
राजेन्द्र सेन ने अपने पत्र में उल्लेख किया कि देश में ओबीसी महिलाओं की बड़ी आबादी आज भी सामाजिक और आर्थिक रूप से पिछड़ी हुई है। ऐसे में उन्हें आरक्षण के दायरे से बाहर रखना न्यायसंगत नहीं है। उन्होंने यह भी बताया कि संसद में इस मुद्दे को पहले भी उठाया जा चुका है और विपक्ष के नेताओं ने ओबीसी महिलाओं को भी समान अधिकार देने की मांग की थी।
उन्होंने सरकार से आग्रह किया कि महिला आरक्षण कानून में संशोधन कर ओबीसी महिलाओं के लिए भी समुचित आरक्षण सुनिश्चित किया जाए, ताकि लोकतंत्र में सभी वर्गों की महिलाओं की समान भागीदारी सुनिश्चित हो सके।
ज्ञापन के अंत में आशा जताई गई है कि केंद्र सरकार इस महत्वपूर्ण सामाजिक मुद्दे पर सकारात्मक निर्णय लेकर ओबीसी महिलाओं को भी सशक्तिकरण का समान अवसर प्रदान करेगी।





