कोटा। हिंदू नववर्ष विक्रम संवत 2083 के स्वागत अभिनंदन के अवसर पर 18 मार्च बुधवार की संध्या को कोटा महानगर में व्यापक स्तर पर धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। हिंदू नववर्ष आयोजन समिति के अध्यक्ष गोविन्द नारायण अग्रवाल एवं महामंत्री डॉ. बाबूलाल भाट ने जानकारी देते हुए बताया कि 18 मार्च बुधवार को वर्तमान संवत का अंतिम सूर्यास्त होगा। इस अवसर पर संवत की कृतज्ञतापूर्वक विदाई तथा आगत नवसंवत के स्वागत हेतु शहर के मंदिरों और देवस्थानों पर आरती, महाआरती एवं दीपदान के विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
उन्होंने बताया कि कोटा महानगर के विभिन्न मंदिरों में सर्व हिंदू समाज, मंदिर समितियों और स्वप्रेरणा से द्वारा सामूहिक महाआरती के माध्यम से नववर्ष का स्वागत करेंगे। यह आयोजन कोटा महानगर के 12 नगरों में स्थित 120 से अधिक बस्तियों एवं उनकी उपबस्तियों में लगभग एक साथ आयोजित किया जाएगा। शहर के अनेक मंदिरों और देवस्थानों पर श्रद्धालु बड़ी संख्या में उपस्थित होकर आरती, महाआरती और दीपदान के माध्यम से नवसंवत का अभिनंदन करेंगे।
धार्मिक दृष्टि से संध्या समय की आरती और दीपदान को अत्यंत पवित्र एवं शुभ माना गया है। सनातन परंपरा में दीप प्रज्वलन अंधकार से प्रकाश की ओर तथा नकारात्मकता से सकारात्मकता की ओर अग्रसर होने का प्रतीक है। नवसंवत के स्वागत पर आयोजित महाआरती भगवान के प्रति कृतज्ञता, श्रद्धा और नए वर्ष के मंगलमय आरंभ की कामना का भाव प्रकट करती है। मंदिरों में सामूहिक आरती और दीपदान से आध्यात्मिक वातावरण निर्मित होता है तथा समाज में एकता, श्रद्धा और धर्म के प्रति आस्था का संदेश प्रसारित होता है।
समिति ने कोटा महानगर के सभी नागरिकों से इन कार्यक्रमों में अधिक से अधिक संख्या में भाग लेकर हिंदू नववर्ष के स्वागत को भव्य एवं गरिमामय बनाने का आग्रह किया है।






