Monday, August 24, 2026
Screenshot_2026-02-16-14-04-33-20_6012fa4d4ddec268fc5c7112cbb265e7
previous arrow
next arrow

Top 5 This Week

Related Posts

राजस्थान दिवस पर बारां में “राजस्थान की लोक सांस्कृतिक धरोहरें” विषय पर सेमिनार 18 मार्च को

-जितेंद्र कुमार शर्मा

बारां। राजस्थान दिवस के अवसर पर “राजस्थान की लोक सांस्कृतिक धरोहरें” विषय पर एक दिवसीय सेमिनार का आयोजन 18 मार्च को किया जाएगा। यह सेमिनार पुरातत्व एवं संग्रहालय विभाग, राजस्थान सरकार के अंतर्गत राजकीय संग्रहालय, बारां तथा भारतीय सांस्कृतिक निधि (इंटेक) वराह नगरी बारां चैप्टर के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित किया जा रहा है।

राजकीय संग्रहालय बारां के संग्रहाध्यक्ष हेमेंद्र कुमार अवस्थी और सहायक प्रशासनिक अधिकारी संदीप सिंह जादौन ने बताया कि सेमिनार का उद्देश्य राजस्थान की समृद्ध लोक-संस्कृति, स्थापत्य एवं सांस्कृतिक प्रतीकों की बहुआयामी विरासत पर गंभीर विमर्श करना है। कार्यक्रम के माध्यम से यह संदेश दिया जाएगा कि राजस्थान की लोक-सांस्कृतिक धरोहरें केवल अतीत की पहचान नहीं हैं, बल्कि वर्तमान और भविष्य के सांस्कृतिक विकास की मजबूत आधारशिला भी हैं।

भारतीय सांस्कृतिक निधि (इंटेक) बारां के कन्वीनर जितेन्द्र कुमार शर्मा ने बताया कि सेमिनार में वक्ताओं द्वारा राजस्थान की लोक-सांस्कृतिक परंपराओं के संरक्षण, संवर्धन एवं दस्तावेजीकरण की आवश्यकता पर विशेष प्रकाश डाला जाएगा। साथ ही आधुनिकता और वैश्वीकरण के दौर में लोक-संस्कृति को सुरक्षित रखते हुए नई पीढ़ी से जोड़ने के उपायों पर भी चर्चा की जाएगी।

निदेशालय पुरातत्व एवं संग्रहालय विभाग, जयपुर के निर्देशानुसार राजस्थान दिवस के उपलक्ष्य में 15 मार्च से 19 मार्च तक आयोजित कार्यक्रमों की श्रृंखला के तहत यह सेमिनार आयोजित किया जा रहा है। इस दौरान राजस्थान की मांडणा कला, लोकचित्रकला, लोकदेवता परंपरा, पर्व-त्योहार, ग्रामीण जीवन शैली, पर्यावरणीय चेतना और लोकविश्वासों जैसे विषयों पर विस्तार से चर्चा होगी।

सेमिनार का उद्देश्य विद्यार्थियों, युवाओं और आमजन में अपनी सांस्कृतिक विरासत के प्रति जागरूकता और गौरव की भावना विकसित करना भी है। राजस्थान दिवस केवल राज्य गठन का स्मरण दिवस ही नहीं, बल्कि अपनी सांस्कृतिक पहचान को समझने, सहेजने और आगे बढ़ाने का अवसर भी है। इस दृष्टि से यह सेमिनार बारां जिले के सांस्कृतिक जीवन में एक महत्वपूर्ण पहल सिद्ध होगा।

कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों, शिक्षकों, विद्यार्थियों, शोधार्थियों, कला प्रेमियों, मीडिया प्रतिनिधियों तथा विभिन्न सांस्कृतिक एवं शैक्षणिक संस्थानों की सहभागिता रहेगी।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Popular Articles