कोटा। शहर में एलपीजी गैस की सप्लाई व्यवस्था इन दिनों गड़बड़ा गई है, जिससे आम उपभोक्ताओं से लेकर हॉस्टल संचालकों तक को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। व्यावसायिक (कमर्शियल) सिलेंडरों की बुकिंग रुकने के बाद घरेलू गैस सिलेंडरों की मांग अचानक बढ़ गई है।
गैस एजेंसियों के अनुसार पहले जहां प्रतिदिन लगभग 600 से 700 घरेलू सिलेंडर बुकिंग होती थी, वहीं अब यह संख्या बढ़कर 1100 से अधिक हो गई है। अचानक बढ़ी बुकिंग के चलते ऑनलाइन सर्वर भी बार-बार ठप हो रहा है, जिससे उपभोक्ताओं को बुकिंग कराने में दिक्कत आ रही है।
एजेंसियों के बाहर लोगों की लंबी कतारें लग रही हैं और कई उपभोक्ताओं को घंटों इंतजार करना पड़ रहा है। भीड़ को कम करने के लिए कुछ एजेंसियां उपभोक्ताओं के मोबाइल में ऐप इंस्टॉल कराकर वहीं से सिलेंडर बुकिंग करवाने की व्यवस्था भी कर रही हैं।
एलपीजी संकट का सबसे ज्यादा असर शहर के कोचिंग क्षेत्रों में देखने को मिल रहा है। कमर्शियल सिलेंडर की सप्लाई प्रभावित होने के कारण कई हॉस्टलों में मैस के खाने के मेन्यू में बदलाव करना पड़ा है।
हॉस्टल एसोसिएशन के अध्यक्ष नवीन मित्तल ने बताया कि सबसे अधिक परेशानी हॉस्टल संचालकों को हो रही है। हॉस्टलों की मैस में जगह सीमित होने के कारण वहां भट्टियां लगाना संभव नहीं है, इसलिए फिलहाल जो सिलेंडर उपलब्ध हैं उन्हीं से किसी तरह व्यवस्था चलाई जा रही है।
उन्होंने कहा कि यदि एक-दो दिन और यही स्थिति रही तो भोजन व्यवस्था चलाना मुश्किल हो सकता है। खुले मैस में भट्टियां लगाई जा सकती हैं, लेकिन अधिकांश हॉस्टलों में यह संभव नहीं है। हॉस्टलों और मैस के लिए कमर्शियल सिलेंडर सप्लाई शुरू करने का आश्वासन मिला था, लेकिन अभी तक नियमित सप्लाई शुरू नहीं हो सकी है।
स्थिति को देखते हुए गैस एजेंसियां और उपभोक्ता दोनों जल्द सप्लाई सामान्य होने की उम्मीद कर रहे हैं।






