जयपुर। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री अविनाश गहलोत ने विधानसभा में कहा कि राज्य सरकार थैलेसीमिया जैसी गंभीर बीमारी से पीड़ित मरीजों के लिए संवेदनशील है और उन्हें बेहतर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है।
उन्होंने बताया कि भरतपुर को छोड़कर प्रदेश के सभी छह संभाग मुख्यालयों पर थैलेसीमिया रोगियों के लिए डे-केयर सेंटर संचालित किए जा रहे हैं। इन केंद्रों पर बिना रिप्लेसमेंट के रक्त चढ़ाने, जांच, आयरन किलेशन थेरेपी सहित सभी सुविधाएं निःशुल्क उपलब्ध हैं।
🔹 10 लाख तक की आर्थिक सहायता
राज्य सरकार द्वारा बोन मैरो ट्रांसप्लांट के लिए 10 लाख रुपये तक की वित्तीय सहायता दी जाती है। इसके साथ ही “मा” योजना के अंतर्गत कैशलैस इलाज की सुविधा भी प्रदान की जा रही है।
🔹 1105 मरीजों को पेंशन
मंत्री ने बताया कि प्रदेश में वर्तमान में 1105 थैलेसीमिया पीड़ित मरीज हैं, जिन्हें 1250 रुपये प्रतिमाह पेंशन दी जा रही है। इनमें से 797 बच्चे 18 वर्ष से कम आयु के हैं।
🔹 जयपुर में हुए 53 ट्रांसप्लांट
पिछले दो वर्षों में महात्मा गांधी चिकित्सालय, जयपुर में 53 थैलेसीमिया मरीजों का बोन मैरो ट्रांसप्लांट किया गया है। अन्य रोगों के लिए यह संख्या 64 रही है।
🔹 बाल संबल योजना में शामिल करने का प्रस्ताव
मंत्री ने बताया कि मुख्यमंत्री आयुष्मान बाल संबल योजना के तहत 50 लाख रुपये तक के उपचार और 5000 रुपये मासिक सहायता का प्रावधान है, लेकिन फिलहाल इसमें थैलेसीमिया शामिल नहीं है। सरकार से इसे योजना में जोड़ने का आग्रह किया गया है।
🔹 दिव्यांगजन श्रेणी में शामिल
थैलेसीमिया को दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम 2016 के तहत 21 दिव्यांगता श्रेणियों में शामिल किया गया है। पीड़ित बच्चों को यूडीआईडी कार्ड और दिव्यांगता प्रमाण पत्र जारी किए जा रहे हैं।
🔹 आधार से जुड़ी उपचार व पेंशन प्रक्रिया
5 वर्ष तक माता-पिता के आधार से इलाज
5 वर्ष बाद बच्चे के आधार से इलाज
बायोमैट्रिक संभव न होने पर ओटीपी के जरिए पेंशन स्वीकृति
🔹 गंभीर व अनुवांशिक बीमारी
मंत्री ने बताया कि थैलेसीमिया एक गंभीर अनुवांशिक बीमारी है, जिसमें मरीज को नियमित रूप से रक्त चढ़ाने की आवश्यकता होती है। इसका स्थायी इलाज केवल बोन मैरो ट्रांसप्लांट से संभव है।
उन्होंने विधायक रूपिंदर सिंह कुन्नर के प्रश्नों का उत्तर देते हुए कहा कि राज्य सरकार थैलेसीमिया पीड़ितों के जीवन स्तर में सुधार के लिए हरसंभव प्रयास कर रही





