कोटा। राजस्थान राज्य पाठ्यपुस्तक मंडल के शिक्षा प्रोत्साहन प्रन्यासी अरविन्द सिसोदिया ने केंद्रीय बजट 2026-27 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में विकसित भारत और आत्मनिर्भर भारत की दिशा में ग्रामीण भारत को सशक्त करने वाला ऐतिहासिक और निर्णायक बजट बताया है। उन्होंने कहा कि यह बजट स्पष्ट रूप से दर्शाता है कि मोदी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता गांव, गरीब और किसान हैं।
सिसोदिया ने कहा कि इस बजट में ग्रामीण विकास विभाग के बजट में 21 प्रतिशत की वृद्धि यह सिद्ध करती है कि सरकार ग्रामोत्थान को राष्ट्रोत्थान की बुनियाद मानती है। मनरेगा के लिए 1.51 लाख करोड़ रुपये का प्रावधान और 16वें वित्त आयोग के तहत पंचायतों को सीधे मिलने वाली रिकॉर्ड राशि से गांवों में रोजगार, आधारभूत ढांचे और स्वावलंबन को नई मजबूती मिलेगी।
उन्होंने कहा कि कृषि विभाग के बजट में इस वर्ष लगभग 7 प्रतिशत की वृद्धि किसानों के प्रति सरकार की गंभीर प्रतिबद्धता को दर्शाती है। कृषि अनुसंधान, शिक्षा, नवाचार और फसल विविधीकरण और उर्वरक सब्सिडी पर बढ़ा हुआ निवेश यह स्पष्ट करता है कि मोदी सरकार किसान को अल्पकालिक राहत नहीं, बल्कि दीर्घकालिक समृद्धि का मार्ग देने की नीति पर काम कर रही है।
राजस्थान के संदर्भ में सिसोदिया ने कहा कि यह बजट राज्य के लिए विशेष रूप से लाभकारी है, क्योंकि राजस्थान की अर्थव्यवस्था कृषि और ग्रामीण क्षेत्रों पर आधारित है। ग्रामीण विकास, कृषि, पशुपालन, स्वयं सहायता समूहों और महिला उद्यमिता से जुड़े प्रावधान प्रदेश के गांवों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाएंगे और किसानों, महिलाओं तथा युवाओं के लिए नए अवसर सृजित करेंगे।
उन्होंने कहा कि केंद्रीय बजट 2026-27 नकारात्मक राजनीति करने वालों के लिए करारा जवाब और राष्ट्र के प्रति प्रतिबद्ध नागरिकों के लिए भरोसे का मजबूत दस्तावेज़ है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह बजट गांवों को सशक्त, किसानों को समृद्ध और भारत को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक निर्णायक मील का पत्थर सिद्ध होगा।






