कोटा | दशहरा मैदान में हाल ही में दो वृक्षों की जड़ों से प्रकट हुई प्राचीन एवं अद्भुत श्री बालाजी महाराज की प्रतिमा स्थल पर शुक्रवार को विधिवत भूमि पूजन कर मंदिर निर्माण की आधारशिला रखी गई। इस पावन अवसर पर श्रद्धा और भक्ति से ओतप्रोत वातावरण देखने को मिला।
जड़ के बालाजी सेवा समिति के तत्वावधान में आयोजित इस भव्य धार्मिक आयोजन में अनेक संत-महात्माओं की गरिमामयी उपस्थिति रही। संत श्री रामनिवास जी महाराज, श्री कोमलराम जी महाराज, श्री परसराम जी महाराज, श्री रामदास जी महाराज (छोटी-बड़ी बैठक), श्री महेंद्र दास जी महाराज एवं श्री पीतमराम जी स्नेही महाराज के शुभ करकमलों से भूमि पूजन संपन्न हुआ।
भूमि पूजन के पश्चात 251 कलशों के साथ भव्य कलश यात्रा निकाली गई, जिसमें बड़ी संख्या में मातृशक्ति एवं धर्मावलंबी श्रद्धालुओं ने भाग लिया। कार्यक्रम के उपरांत श्रद्धालुओं को प्रसादी भोग का वितरण किया गया। इस आयोजन में सैकड़ों की संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।
समिति अध्यक्ष उदयलाल चांदना ने बताया कि पुरातत्व विभाग के विश्लेषण के अनुसार प्रकट हुई श्री बालाजी महाराज की यह प्रतिमा लगभग 1000 वर्ष प्राचीन है और इस प्रकार की प्रतिमा पूरे राजस्थान प्रदेश में अन्यत्र कहीं प्रकट नहीं हुई है।
कार्यक्रम के समापन पर बालाजी सेवा समिति के सदस्यों द्वारा श्री रामद्वारा परिसर में संत-महात्माओं का सम्मान कर उन्हें विदा किया गया। साथ ही समिति ने सर्वहिंदू सनातन समाज से मंदिर निर्माण में सहयोग की अपील की।






