कोटा | प्राधिकरण परिसर में गुरुवार को आयुक्त महोदया ममता कुमारी तिवारी की अध्यक्षता में नियमित जनसुनवाई का आयोजन किया गया। जनसुनवाई के दौरान नागरिकों द्वारा प्रस्तुत जनहित से जुड़े मामलों पर गहन चर्चा करते हुए त्वरित और प्रभावी निर्णय लिए गए, जिससे आमजन को राहत मिली।

जनसुनवाई में कुल 54 प्रकरण प्राप्त हुए, जिनमें प्राधिकरण योजना क्षेत्र के भूखंडों की लीज-डीड, भवन निर्माण स्वीकृति, नामांतरण, कब्जा पत्र जारी करने, आधारभूत सुविधाओं, सड़क-नाली, रोड लाइट, पुनर्वास एवं भू-पट्टी आवंटन से संबंधित प्रकरण प्रमुख रहे। इनमें से 10 प्रकरणों का मौके पर ही निस्तारण कर आवेदकों को तत्काल राहत प्रदान की गई।
जनसुनवाई में प्रमुख रूप से ग्राम मण्डानिया–जगन्नाथपुरा में श्मशान भूमि से अतिक्रमण हटाने, गणेश नगर आवासीय योजना व आम रास्तों से अतिक्रमण हटाने, पुनर्वास एवं भू-पट्टी आवंटन, कुन्हाड़ी क्षेत्र में रेलवे क्रॉसिंग के समीप सड़क पर रोड लाइट सुधार, गिरीराजपुरम योजना में मूलभूत सुविधाएं, केशवपुरा क्षेत्र में भूमि व रजिस्ट्री से जुड़े मामले तथा ए.पी.जे. अब्दुल कलाम कॉमर्शियल योजना में नाले पर ढकान से संबंधित प्रकरण सामने आए।
शेष प्रकरणों में तथ्यों की जांच एवं नियमानुसार कार्रवाई के लिए आगामी तिथियां निर्धारित की गईं। आयुक्त महोदया ने संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी मामलों का समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।
इसके अतिरिक्त, पूर्व जनसुनवाइयों से संबंधित 16 प्रकरण, जिनकी सुनवाई हेतु आज की तिथि निर्धारित थी, भी प्रस्तुत किए गए। इनमें से अधिकांश प्रकरणों का निस्तारण पूर्व में ही हो चुका था, जिसकी पुष्टि जनसुनवाई के दौरान की गई।
आयुक्त महोदया ने निर्देश दिए कि प्राधिकरण भूमि से जुड़े अतिक्रमण, नागरिक सुविधाओं एवं जनहित के लंबित मामलों को प्राथमिकता के आधार पर निस्तारित किया जाए, ताकि आमजन को बार-बार जनसुनवाई में उपस्थित न होना पड़े।
जनसुनवाई में प्राधिकरण के सचिव मुकेश कुमार चौधरी, उपायुक्त हर्षित वर्मा, निदेशक अभियंत्रिकी रविंद्र प्रकाश माथुर, निदेशक प्लानिंग भूपेश मालव, उप विधि परामर्शी बाल मुकुंद मीणा, तहसीलदार सुरेन्द्र शर्मा, श्री हिम्मत सिंह सहित अन्य संबंधित अधिकारीगण उपस्थित रहे।






