-जितेंद्र कुमार शर्मा
बारां।शाहबाद जंगल बचाओ आंदोलन के अंतर्गत ग्रीनको एनर्जी प्राइवेट लिमिटेड, हैदराबाद द्वारा शाहबाद क्षेत्र में प्रस्तावित हाइड्रो पावर प्लांट परियोजना को निरस्त कराने की मांग को लेकर गुरुवार को हजारों की संख्या में ग्रामीणों, पर्यावरण प्रेमियों और आंदोलनकारियों ने जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। यह विशाल रैली आंदोलन के सक्रिय साथी गब्बर सिंह यदुवंशी के नेतृत्व में निकाली गई।
रैली शाहबाद के प्रमुख मार्गों से होती हुई उपखंड अधिकारी (एसडीएम) कार्यालय पहुंची, जहां प्रदर्शनकारियों ने राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा। रैली के दौरान “शाहबाद जंगल बचाओ”, “पर्यावरण बचाओ, जीवन बचाओ” और “हाइड्रो पावर परियोजना रद्द करो” जैसे नारों से पूरा क्षेत्र गूंज उठा।
आंदोलनकारियों का कहना है कि प्रस्तावित हाइड्रो पावर परियोजना से शाहबाद के घने जंगलों, जैव विविधता, वन्य जीवों और स्थानीय ग्रामीणों के जीवन-यापन पर गंभीर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा। परियोजना से जल स्रोतों, कृषि भूमि और आदिवासी समुदायों के पारंपरिक अधिकारों को भी नुकसान पहुंचने की आशंका है।
गब्बर सिंह यदुवंशी ने इस अवसर पर कहा कि शाहबाद के जंगल केवल क्षेत्र की धरोहर नहीं बल्कि आने वाली पीढ़ियों का भविष्य हैं। किसी भी कीमत पर जंगलों का विनाश स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने मांग की कि जनभावनाओं और पर्यावरणीय संतुलन को ध्यान में रखते हुए इस परियोजना को तत्काल निरस्त किया जाए।
ज्ञापन में केंद्र और राज्य सरकार से आग्रह किया गया कि पर्यावरण संरक्षण कानूनों का पालन सुनिश्चित करते हुए शाहबाद क्षेत्र को हाइड्रो पावर परियोजना से मुक्त रखा जाए तथा स्थानीय लोगों की सहमति के बिना किसी भी प्रकार की परियोजना को आगे न बढ़ाया जाए।
रैली में बड़ी संख्या में ग्रामीण, महिलाएं, युवा, सामाजिक कार्यकर्ता एवं पर्यावरणविद् उपस्थित रहे। शांतिपूर्ण और अनुशासित ढंग से संपन्न हुए इस आंदोलन ने प्रशासन का ध्यान एक बार फिर शाहबाद के जंगलों के संरक्षण की ओर आकर्षित किया।






