Sunday, April 19, 2026
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परिंदों के अंडे भी सुरक्षित नहीं, प्रवासी पक्षियों पर मंडरा रहा संकट ,जोहराबाई तालाब पर इंटक का पक्षी दर्शन कार्यक्रम

-जितेंद्र कुमार शर्मा

कोटा।मनुष्य की बढ़ती लालसा अब केवल अपनी जरूरतों तक सीमित नहीं रही, बल्कि वह प्रवासी पक्षियों के अंडों तक पर हाथ डालने लगा है। नांता रोड स्थित सगस धाम के प्राचीन एवं ऐतिहासिक जोहराबाई तालाब पर रविवार को भारतीय राष्ट्रीय कला एवं सांस्कृतिक निधि (इंटक) द्वारा आयोजित पक्षी दर्शन कार्यक्रम में यह चिंताजनक स्थिति सामने आई।

सगस धाम पर रहने वाले समाजसेवी एवं सेवानिवृत्त वनपाल कन्हैयालाल केवट ने बताया कि इस वर्ष तालाब पर पक्षियों की संख्या अपेक्षाकृत कम दिखाई दे रही है। इसके प्रमुख कारणों में से एक यह है कि तालाब के टीलों पर अंडे देने वाले पक्षियों के अंडे असामाजिक तत्वों द्वारा चोरी कर लिए जाते हैं। इससे पक्षियों के स्वतंत्र विचरण और प्रजनन पर गंभीर प्रभाव पड़ रहा है।

इंटक के वरिष्ठ सदस्य ए.एच. जैदी एवं अनिल शर्मा ने बताया कि संस्था द्वारा तालाब के पुनरुद्धार के निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। वन विभाग की ओर से चेतावनी बोर्ड लगाए गए हैं, लेकिन प्रभावी गश्त के अभाव में ऐसी घटनाएं थम नहीं पा रही हैं, जो जलाशयों और जैव विविधता के लिए घातक हैं।

कार्यक्रम के दौरान इंटक सदस्यों ने बताया कि पिछले वर्ष की तुलना में इस वर्ष पक्षियों की संख्या में कमी महसूस की गई, हालांकि अभी भी लगभग 1500 से 2000 पक्षी तालाब पर मौजूद हैं। इनमें स्थानीय और प्रवासी प्रजातियों में सुर्खाब, पिनटेल, जांघील, लेसर व्हिसलिंग टील, स्पॉटबिल और ओपन बिल स्टॉर्क प्रमुख हैं।

इंटक के वरिष्ठ सदस्य एवं प्राकृतिक विरासत प्रकोष्ठ के संयोजक बृजेश विजयवर्गीय ने कहा कि यह तालाब एक महत्वपूर्ण प्राचीन विरासत है, जिसे सहेजने की नितांत आवश्यकता है। पूर्व में यहां थर्मल पावर प्लांट की राख भराव का असर था, लेकिन अब इंटक ने तालाब के पुनरुद्धार का कार्य अपने हाथ में लिया है। जल संसाधन विभाग ने भी इसे अपनी कार्य योजना में शामिल किया है।

इंटक के निमंत्रण पर पहुंचे अधीक्षण अभियंता आर.के. जैमिनी ने आश्वासन दिया कि विभाग तालाब को बहाल करने में हर संभव सहयोग करेगा। वहीं वन विभाग के बुद्धा राम जाट एवं अन्य कर्मचारियों ने बताया कि उच्च अधिकारियों के निर्देशानुसार यहां वन्यजीव संरक्षण के लिए प्रभावी गश्त व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी।

कार्यक्रम में प्रमुख आर्किटेक्ट गौरव चौरसिया, ज्योति सक्सेना, सोनू मीणा, अमित कुमार, लोकेश केवट सहित कई सदस्यों ने तालाब संरक्षण और पक्षी सुरक्षा पर विचार-विमर्श किया।

भरत सिंह को श्रद्धांजलि

इस अवसर पर इंटक सदस्यों ने पूर्व मंत्री एवं इंटक के वरिष्ठ सदस्य भरत सिंह के निधन पर शोक व्यक्त करते हुए उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।

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