कोटा। हाड़ौती का सर्राफा बाजार सोने–चांदी के आभूषणों की गुणवत्ता और शुद्धता के लिए देशभर में पहचान बना चुका है, और इस विश्वसनीयता की नींव बंगाली कारीगरों की अनूठी कला पर टिकी हुई है। यह बात सर्राफा बोर्ड के अध्यक्ष सुरेन्द्र गोयल ने रविवार को सनाढ्य भवन में आयोजित बंगाली स्वर्ण कला समिति की नवनिर्वाचित कार्यकारिणी के शपथ ग्रहण समारोह में कही। गोयल ने कहा कि पूरा सर्राफा बाजार बंगाली कारीगरों की मेहनत और कौशल पर निर्भर है। उनके द्वारा बनाए गए आभूषणों पर सर्राफा व्यापारी आँख बंद कर भरोसा कर ग्राहकों को बेचते हैं। इसलिए इस विश्वास को हमेशा बनाए रखने की अपील की गई।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि कोटा व्यापार महासंघ के महासचिव अशोक माहेश्वरी ने नवनिर्वाचित अध्यक्ष शेख नजरुल इस्लाम, मंत्री संजय भौमिक, कोषाध्यक्ष रिजाल हक सरकार, उपाध्यक्ष तोहिद मल्लिक सहित पूरी कार्यकारिणी को शपथ दिलाई।
माहेश्वरी ने कहा कि कोटा को पर्यटन नगरी के रूप में नई पहचान दिलाने के प्रयास पिछले छह महीनों से निरंतर जारी हैं, ताकि शहर की आर्थिक व्यवस्था को नई मजबूती मिल सके। उन्होंने कारीगरों और व्यापारियों से भी सहयोग की अपील की।
कार्यक्रम में व्यापार समिति अध्यक्ष आत्मदीप, चौथमाता स्वर्ण रजत आर्य, स्वर्ण रजत व्यापार समिति के सचिव रामचरण सोनी, कैट जिलाध्यक्ष अनिल मूंदड़ा, मैढ़ क्षत्रिय स्वर्णकार समाज अध्यक्ष भुवनेश सोनी, भाजपा नेता संदीप भाटिया तथा पूर्व पार्षद नसरिन मिर्जा सहित कई पदाधिकारी उपस्थित रहे।
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