Tuesday, April 7, 2026
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राजस्थान के बड़े अस्पतालों में जल्द लागू होगा प्रभावी फीडबैक सिस्टम, स्वास्थ्य सेवाएँ होंगी और अधिक पेशेंट-फ्रेंडली

जयपुर/प्रदेश के सभी बड़े अस्पतालों में चिकित्सा सेवाओं में व्यापक सुधार की दृष्टि से प्रभावी फीडबैक सिस्टम लागू किया जाएगा। अस्पतालों में आने वाले रोगी एवं उनके परिजन वहां मिल रही स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर अपना फीडबैक दे सकेंगे, जिसके आधार पर अस्पताल प्रशासन आवश्यक सुधार कर व्यवस्थाओं को पेशेंट फ्रेण्डली बनाएगा। उच्च स्तर से इस सिस्टम की नियमित मॉनिटरिंग भी की जाएगी।

चिकित्सा शिक्षा विभाग की प्रमुख शासन सचिव श्रीमती गायत्री राठौड़ ने मंगलवार को जेके लोन अस्पताल के औचक निरीक्षण के दौरान इस संबंध में दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार स्वास्थ्य सेवाओं को सुलभ एवं सुगम बनाने की दिशा में प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। हमारा प्रयास है कि अस्पतालों में व्यवस्थाएं पेशेंट फ्रेंडली हो, ताकि रोगियों एवं उनके परिजनों को परेशानी का सामना नहीं करना पड़े। इसी सोच के साथ प्रथम चरण में मेडिकल कॉलेजों से संबद्ध अस्पतालों में फीडबैक सिस्टम अनिवार्य रूप से लागू करने के निर्देश दिए गए हैं। इससे रोगियों एवं परिजनों को अस्पतालों में आने वाली कठिनाइयों की वास्तविक जानकारी मिल सकेगी। साथ ही, उनके सुझावों के आधार पर जरूरी सुधार किए जा सकेंगे।

सर्वाइवल रेट और बेहतर करने के निर्देश-

राठौड़ ने जेके लोन अस्पताल के निरीक्षण के दौरान चिकित्सा अधिकारियों से स्वास्थ्य सेवाओं के बारे में विस्तार से जानकारी ली। उन्होंने अस्पताल में मानव संसाधन की स्थिति, विभिन्न स्वास्थ्य योजनाओं एवं कार्यक्रमों के संचालन की स्थिति, जांच, दवा एवं उपचार की व्यवस्थाओं के बारे में पूछा और सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आईसीयू एवं सुपर स्पेशलिटी में आने वाले गंभीर रोगियों की सर्वाइवल रेट को उच्चतम स्तर पर ले जाने के प्रयास किए जाएं।

किसी भी रोगी को बाहर से नहीं लानी पड़े दवा –

राठौड़ ने पीआईसीयू, एनआईसीयू, सामान्य वार्ड, कैथ लेब, सीटीवीएस इकाई, दवा काउंटर, मा योजना के पंजीकरण केंद्र सहित विभिन्न स्थानों का निरीक्षण किया। उन्होंने निर्देश दिए कि राज्य सरकार राजकीय चिकित्सा संस्थानों में पूरी तरह निःशुल्क उपचार उपलब्ध करवा रही है, इसलिए यह ध्यान रखा जाए कि रोगियों को सभी दवाएं अस्पताल से ही उपलब्ध हों, किसी भी रोगी को बाहर से कोई दवा या अन्य सामान नहीं लाना पड़े।

मानव संसाधन बढ़ाने एवं अस्पताल विस्तार के लिए बनाएं प्लान –

प्रमुख शासन सचिव ने अस्पताल में रोगी भार की स्थिति को देखते हुए अस्पताल के विस्तार एवं रोगियों की संख्या के अनुपात में मानव संसाधन का प्लान तैयार कर भिजवाने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि मानव संसाधन की कमी को शीघ्र दूर किया जाएगा, ताकि यहां उपलब्ध सुविधाओं का अधिकतम उपयोग हो और अधिकाधिक रोगियों को गुणवत्तापूर्ण सेवाएं मिलें। उन्होंने अस्पताल में नवनिर्मित सीवीटीएस इकाई को पूरी तरह आपरेशनल करने के भी निर्देश दिए।

एसएमएस इमरजेंसी में गंभीर एवं सामान्य रोगियों के लिए उपचार की अलग-अलग व्यवस्था शुरू –

सवाई मानसिंह अस्पताल के प्रधानाचार्य डॉ. दीपक माहेश्वरी ने बताया कि हाल ही प्रमुख शासन सचिव द्वारा एसएमएस अस्पताल के निरीक्षण के दौरान दिए गए निर्देशों की अनुपालना में आपातकालीन इकाई में गंभीर एवं सामान्य रोगियों के लिए उपचार की अलग-अलग व्यवस्थाएं सुनिश्चित कर दी गई हैं। इमजरेंसी में आने वाले सामान्य रोगियों को देखने के लिए अलग से चिकित्सक नियोजित कर दिए गए हैं, ताकि गंभीर रोगियों को त्वरित एवं बेहतर उपचार मिल सके।

निरीक्षण के दौरान जेके लोन अस्पताल के अधीक्षक डॉ. आरएन मेहरा सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

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