जन्मदिवस विशेष ✍️
वैश्य समाज के संरक्षक राजेश कृष्ण बिरला सामाजिक सेवा अमिट स्तंभ
………
✍️डॉ नयन प्रकाश गांधी
राजस्थान की कोटा शिक्षा नगरी के सामाजिक क्षेत्र में राजेश कृष्ण बिरला एक ऐसा नाम है, जो मानवीय सेवा और सहकारी बैंकिंग के माध्यम से लाखों लोगों के जीवन को मजबूत वित्तीय क्षमता से परिवर्तित करने में उनका अनूठा नाम कोटा शिक्षा नगरी में अंकित है। कोटा निवासी राजेश बिरला इंडियन रेड क्रॉस सोसाइटी राजस्थान शाखा के चेयरमैन के रूप में विभिन्न सामाजिक सेवा के पायदानों, स्वास्थ्य सेवाओं और समुदाय कल्याण में अग्रणी भूमिका निभा रहे हैं, वहीं कोटा नागरिक ग्रामीण सहकारी बैंक लिमिटेड के चेयरमैन के रूप में छोटे से लेकर माध्यम वर्ग के आम जन के वित्तीय समावेशन को मजबूत कर रहे हैं।

प्रारंभिक जीवन और मूल्य :
….
कोटा में माहेश्वरी समाज में समाज सेवा में अग्रणी रहे राजेश कृष्ण बिरला ने
बचपन से ही सामाजिक सेवा, नैतिकता और जमीनी जुड़ाव के संस्कार ग्रहण किए। उनके परिवार का सार्वजनिक जीवन से गहरा जुड़ाव रहा है, जिसने उन्हें संस्थागत सेवा की दिशा में प्रेरित किया। राजेश कृष्ण बिरला के पिता स्व. श्रीकृष्ण बिरला कोटा के वरिष्ठ समाजसेवी और सहकारिता क्षेत्र के पितामह के रूप में विख्यात थे, जिन्होंने कर्मचारी संघ के जिला अध्यक्ष के रूप में 1958-1961 तक संघर्ष किया तथा तीन बार जेल यात्रा की। उन्होंने कोटा कर्मचारी सहकारी समिति लिमिटेड 108 के लगभग 26 वर्षों तक अध्यक्ष रहकर सहकारिता को राजस्थान में नई पहचान दी तथा माहेश्वरी समाज के अध्यक्ष के रूप में 15 वर्ष सेवा की।भारतीय रेड क्रॉस सोसाइटी राजस्थान शाखा के चेयरमैन के रूप में राजेश कृष्ण बिरला ने 33 जिलों की शाखाओं को सशक्त बनाया है तथा आपदा प्रबंधन, रक्तदान अभियान, कृत्रिम अंग वितरण और कमजोर वर्गों के लिए कार्यक्रमों पर जोर दिया है। राज्यपाल कलराज मिश्र के साथ बैठक में उन्होंने नए 17 जिलों में शाखा विस्तार, छात्रों को प्राथमिक चिकित्सा प्रशिक्षण और थैलेसीमिया रोकथाम जैसे कदमों की रूपरेखा प्रस्तुत की। विश्व रेड क्रॉस दिवस पर आयोजित कार्यक्रमों से उन्होंने जन जागरूकता को नई ऊंचाई दी।

कोटा नागरिक ग्रामीण सहकारी बैंक लिमिटेड कोटा के चेयरमैन के रूप में राजेश कृष्ण बिरला ने बैंक को आरबीआई की पर्यवेक्षण कार्रवाई से मुक्त कराया तथा 20 प्रतिशत लाभांश वितरण के साथ वित्तीय स्थिरता सुनिश्चित की। छोटे व्यापारियों, मध्यम वर्ग और स्थानीय उद्यमों के लिए वित्तीय समावेशन को बढ़ावा देकर उन्होंने शिक्षा, आवास और स्वरोजगार योजनाओं का विस्तार किया। इससे स्थानीय अर्थव्यवस्था मजबूत हुई और जमा धारकों का विश्वास बहाल हुआ।रेड क्रॉस और सहकारी बैंकिंग के माध्यम से वित्तीय साक्षरता, स्वास्थ्य सुरक्षा तथा आर्थिक सहायता का जैसी अनूठी पहल लगातार बिरला द्वारा विशेषकर उन परिवारों के लिए की गई जो आर्थिक एवं स्वास्थ्य जोखिमों से जूझ रहे हैं,जिससे असंख्यं जरूरतमंद को हर संभव सहायता प्रदान की गई ।
हर वर्ग के लिए समर्पित वरिष्ठ समाज सेवी राजेश कृष्ण बिरला ने कोटा में देहदान दंपतियों को सम्मानित करने जैसे कार्यक्रमों ने सामाजिक स्वीकृति को प्रोत्साहित किया।कोटा के राहत शिविरों, चिकित्सा गतिविधियों और सामुदायिक सभाओं में उनकी सुलभ उपस्थिति से उन्हें एक सक्रिय समाज सेवी उत्प्रेरक के रूप में जाना जाता है। जिला स्तर से राज्य स्तर तक सेवा को संस्थागत रूप प्रदान करने वाली उनकी यात्रा एक जीवंत उदाहरण के रूप में हर वर्ग के प्रेरणास्पद है।






