कोटा।मैढ़ क्षत्रिय स्वर्णकार पंचायत की ओर से आयोजित तीन दिवसीय महाराज अजमीढ़ जयंती महोत्सव का समापन रविवार को भव्य कलश यात्रा और शोभायात्रा के साथ हुआ। कार्यक्रम के बारे में पंचायत अध्यक्ष भुवनेश कुमार सोनी और महामंत्री नरेंद्र सोनी ने बताया कि महाराजा श्री अजमीढ़ जी की झांकी के साथ समाज की महिलाओं, पुरुषों और युवाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। भजन गायन, नृत्य और पारंपरिक परिधानों के साथ यह शोभायात्रा नगर भ्रमण करते हुए समाज के भूखंड डी-1, श्रीनाथपुरम पर पहुंचकर संपन्न हुई।
इसके पश्चात भगवान श्री ज्ञानराय एवं महाराजा श्री अजमीढ़ जी की 51 दीपकों से आरती कर मुख्य कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया।
प्रतिभा सम्मान समारोह
कार्यक्रम में विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले समाज के युवाओं को सम्मानित किया गया —
उच्च शिक्षा वर्ग: अंजलि सोनी, इशांत सोनी
सीए श्रेणी: हर्ष सोनी
IIT वर्ग: भव्य सोनी, भूमिका सोनी
मेडिकल वर्ग: डॉ. मेघा सोनी, डॉ. मानवेंद्र सोनी (एमबीबीएस)
स्टेनोग्राफर वर्ग: गोल्डन सोनी
विशेष अतिथि एवं गणमान्य उपस्थितियाँ
कार्यक्रम की अध्यक्षता मुकुट बिहारी सोनी ने की, जबकि मुख्य अतिथि विधायक प्रहलाद गुंजल रहे।
इस अवसर पर स्वर्णकार समाज के राष्ट्रीय महामंत्री श्री दुलीचंद सोनी, स्वर्णकार विचार मंच के राष्ट्रीय अध्यक्ष बनवारी लाल सोनी, नीलिमा सोनी, कौशल जी सोनी सहित अनेक गणमान्य उपस्थित रहे।
समाज के पदाधिकारी एवं सदस्यों की सहभागिता
इस अवसर पर समाज के पदाधिकारी —
उपाध्यक्ष ललित सोनी (मेवाड़ा), कोषाध्यक्ष जगदीश सोनी, सहमंत्री पंकज सोनी, वरिष्ठ उपाध्यक्ष जे.पी. सोनी (दिल्ली), तथा रामावतार सोनी, प्रताप सोनी, चौथमल सोनी, माधव सोनी, हेमंत सोनी, श्याम सुंदर सोनी, हरीश सोनी, मुकेश सोनी, राजेश सोनी, ओमप्रकाश सोनी, मूलचंद सोनी, कृष्णानंद सोनी, धनवेश सोनी, गोपाल कृष्ण सोनी, कन्हैयालाल सोनी, नागेंद्र सोनी, प्रदीप सोनी, शंकर सोनी, किशन सोनी आदि सहित बड़ी संख्या में समाजबंधु उपस्थित रहे।
स्वर्ण सेना अध्यक्ष पंकज सोनी, युवा परिषद अध्यक्ष लोकेश सोनी, एवं महिला मंडल अध्यक्ष नीलम सोनी ने आयोजन को सफल बनाने में प्रमुख भूमिका निभाई।
कार्यक्रम के अंत में समाजजनों ने एकता, संस्कृति और सेवा भाव का संदेश देते हुए महाराज अजमीढ़ जी के आदर्शों पर चलने का संकल्प लिया।





इसके पश्चात भगवान श्री ज्ञानराय एवं महाराजा श्री अजमीढ़ जी की 51 दीपकों से आरती कर मुख्य कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया।










